ब्यास मुनि द्विवेदी, दिल्ली, 07 नवम्बर 2019. आज देश की राजधानी दिल्ली मे प्रदूषण को लेकर हंगामा मचा हुआ है लोग सांस नहीं ले पा रहे हैं चारों तरफ कोर्ट से लेकर सरकार तक प्रदूषण से बचने का तरीका और एक दूसरे के ऊपर आरोप-प्रत्यारोप लगा रहे लेकिन इस तबाही के जिम्मेदार हम खुद हैं. ऐसे में पर्यावरण को लेकर एक मात्र 16 वर्ष की लड़की ने ऐसे कदम उठाए कि पूरे विश्व भर में उसकी चर्चा हो रही है. जिसका नाम है  ग्रेटा थनवर्ग.

ग्रेटा थनबर्ग वह नाम है जो 2019 में विश्व के परिदृश्य में पूरे रूप से छाया हुआ है. 16 वर्ष की स्वीडन की एनवायरमेंट एक्टिविस्ट ने दुनिया को हिला कर रख दिया है. सितंबर मे यूनाइटेड नेशन की क्लाइमेट चेंज की जनरल असेंबली में ऐसा भाषण दिया कि पूरा विश्व हिल गया. नेताओं को उन्होंने खुले मंच से चुनौती दी आपने हिम्मत कैसे हो गई कि हम बच्चों के पास पर्यावरण बचाने की मांग करने लिए आ गए?

आपको बता दें कि 16 वर्ष की ग्रेटा वह लड़की है जिसकी फोटो टाइम्स मैगजीन ने वर्ष 2019 में मुख्य पृष्ठ पर छपी है और विश्व के 100 प्रभावशाली लोगों की सूची में उसका नाम आता है. उसके बाद ग्रेटा का नाम नोबेल शांति पुरस्कार के लिए भी उनका नाम प्रस्तावित किया गया परंतु वह उन्हें नहीं मिल पाया.

Greta tganburg, times magzine May 2019

सबसे ज्यादा प्रदूषण होता हैं वायुयान से
यूनाइटेड नेशन की इंटरगवर्नमेंटल पैनल ऑन क्लाइमेट चेंज की चिली में होने वाली मीटिंग के लिए उन्हें आमंत्रित किया गया उन्होंने हवाई जहाज से जाना मना कर दिया क्योंकि वायुयानओ से बहुत ज्यादा वायु प्रदूषण होता है और 14 दिनों की बोट यात्रा के बाद अमेरिका पहुंची वहां पर कैलीफोर्निया के पूर्व गवर्नर और विश्व के जाने माने अभिनेता अर्नाल्ड श्वाजनेगर की इलेक्ट्रिक कार लेकर के चिली जाने लग गई. आधे रास्ते में ही चिल्ली की आंतरिक व्यवस्था के कारण से चिली ने वह कॉन्फ्रेंस आफ पार्टीज नाम की मीटिंग रद्द कर दी.

Arnold and greta

यूरोप मे अचानक हवाई सफर करना लोगो ने किया कम
इसके बाद तो जो तमाशा हुआ कि पूरा यूरोप हिल गया. उत्तरी यूरोप के कई देशों के लोगों ने जिसमें यूनाइटेड किंगडम फ्रांस और जर्मनी शामिल है, लोगों ने हवाई जहाज में सफर करना कम कर दिया है. इससे एविएशन इंडस्ट्री घबरा गई है. आईटीएटी (IATA 120 देश शामिल है जिनकी 290 वायुयान कंपनियों में विश्व के 82 परसेंट लोग यात्रा करते हैं) नाम की इंटरनेशनल एयर ट्रांसपोर्टेशन एसोसिएशन ने बताया की फ्लाइट Shaming ने यूरोप में डिमांड कम कर दी है और एक बहुत ही बड़ा अभियान चालू करने वाले हैं. जिसमें वे बताएंगे की हवाई यात्रा में वायु प्रदूषण से होने वाला वायु प्रदूषण को वह लोग कम करने वाले हैं. उन्होंने दावा किया कि विश्व में व्यवसायिक वायुयानो से कार्बन डाइऑक्साइड का उत्सर्जन सिर्फ 2.5% होता है जो कि 1990 से आधा कर दिया गया है वर्ष 2050 तक पूरा खत्म कर देंगे. अमीरात एयरवेज के प्रेसिडेंट ने कहा है कि हमें अब बेहतर काम करना पड़ेगा.

150 देश जुड़े हैँ ग्रेटा के अभियान से
आपको बता दें की वर्ष 2018 में 15 साल की उम्र में ग्रेटा ने स्वीडन की पार्लियामेंट के सामने स्कूल स्ट्राइक फॉर एनवायरमेंट अकेले ही चालू की थी. बाद में फ्राइडे फॉर फ्यूचर नाम का अभियान चालू किया. जिसमें अब तक 150 देश जुड़ चुके हैं और प्रत्येक शुक्रवार को करोड़ों लोग इस मूवमेंट में शामिल होते हैं.

हमारे पास बचे हैँ सिर्फ 11 साल
ग्रेटा वह लड़की है जो विश्व के समस्त नेताओं को चुनौती दे रही है कि वे पर्यावरण संरक्षण के बारे में कुछ नहीं जानते हैं, कुछ भी नहीं कर रहे हैं, सिर्फ लाभ कमाने के लिए कार्य कर रहे हैं जिससे आने वाली पीढ़ी का जीवन खतरे में पड़ चुका है. एक भाषण ने ग्रेटा ने कहा कि वर्ष 2078 में वह 75 साल की हो जाएगी जब उसके बच्चे उससे पूछेंगे कि आपके पिता और दादा ने पर्यावरण को बचाने के लिए कुछ नहीं क्या तो वह क्या जवाब देंगी? ग्रेटा ने कहा कि आने वाली पीढ़ी वर्तमान के नेताओं पॉलिटिशन को विलियन के रूप से संबोधित करेंगी. ग्रेटा ने पूरी दुनिया को बताने का कोशिश किया है की यूनाइटेड नेशन की इंटर गवर्नमेंट पैनल ऑन क्लाइमेट चैलेंज ने कहा है कि सिर्फ 11 साल बचे हैं अर्थात सिर्फ 4000 दिन बचे हैं उसके बाद स्थिति ऐसी हो जाएगी कि हम पर्यावरण को नहीं बचा पाएंगे.

दिल्ली मे भी सैकड़ों प्लेन रोज भरते हैँ उड़ान.
दिल्ली में बढ़ते प्रदूषण को इंडस्ट्री और गाड़ियों को दोषी माना जा रहा है. उधर अन्य राज्यों से आने वाले पलारी के जलने से धुआं को भी दोषी मान रहे हैं, लेकिन राजधानी में रोज सैकड़ों विमान उतरते हैं और उड़ते हैं जो प्रदूषण फैलाने के बहुत बड़े कारक हैं लेकिन इस तरफ किसी का अभी तक ध्यान नहीं जा रहा है सभी जो है अंतिम व्यक्ति किसान के ऊपर पलारी पर ही ध्यान दे रहा है आखिर इस वीआईपी मूवमेंट से जो पर्यावरण को नुकसान हो रहा है उसका जिम्मेदार कौन है?

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