भोपाल,07 नवंबर 2019। मप्र पुलिस ने जाति वाली एडवाइजरी जारी की है। यह एडवाइजरी वर्ग विशेष के लिए पुलिस थानों में जारी की गई है। इसके तहत एससी-एसटी वर्ग के लिए नरम रवैया अपनाया जाएगा और जाति पूछकर ही गिरफ्तारी की जाएगी। डीजीपी वीके सिंह ने सभी जिलों के एसपी को निर्देश दिया है कि बहुत जरूरी हो तब वर्ग विशेष के लोगों को हिरासत में लिया जाए। हिरासत में लेने के दौरान उनसे मारपीट और दुव्र्यवहार बिल्कुल नहीं करने के निर्देश दिए गए हैं। अगर ऐसी शिकायत मिलती है तो इसकी जिम्मेदारी उस जिले के एसपी की होगी।

डीजीपी वीके सिंह

मध्य प्रदेश के प्रदेश के डीजीपी वीके सिंह ने मानना है कि कुछ मामलों में एससी-एसटी वर्ग के लोगों के साथ थानों में मारपीट की गई है। डीजीपी ने इसे गंभीरता से लेते हुए मंगलवार रात को सभी जिलों के एसपी को एडवाइजरी जारी की है। जिसमें कहा गया है कि जरूरी हो तभी इस वर्ग के लोगों को हिरासत में लिया जाए और ऐसे मामलों में सतर्कता बरती जाए। साथ ही एससी-एससी वर्ग के लोगों के साथ थानों में अभद्र व्यवहार और मारपीट ना की जाए। अगर ऐसी शिकायत मिलती है तो इसकी जिम्मेदारी उस जिले के एसपी की होगी।

डीजीपी की एडवाइजरी पर गृह मंत्री बाला बच्चन का कहना है कि जाति पूछकर कार्रवाई नहीं की जा सकती, इस संबंध में आज डीजीपी के साथ मीटिंग करूँगा। हालांकि पूरे देश में इस तरह की बात आई है कि एससी/एसटी वर्ग के साथ इस तरह के मामले आए हैं, उसको लेकर कहा गया होगा, अगर ऐसा ऑर्डर है तो देखता हूं। वहीं पत्रकारों द्वारा एडवाइजरी सही या गलत यह सवाल पूछने पर गृह मंत्री सवाल टाल गए।

डीजीपी की एडवाइजरी पर पूर्व डीजीपी नंदन दुबे का कहना है कि यह क्लेरिफाई किया जाए कि सभी के साथ कानून के तहत कार्रवाई हो। पुलिस का मूल कर्तव्य यह है कि आप सभी के साथ न्याय करें। एक पक्ष, दो पक्ष के हिसाब से नहीं, कानून के हिसाब से कार्रवाई करें।

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