बैकुंठपुर (कोरिया ) 30 नवंबर

अवसाद से पीड़ित चरचा कालरी निवासी 14-वर्षीय पारस (बदला हुआ नाम )ने कुछ समय पहले आत्महत्या की कोशिश की थी| केवल इसलिए की उसे महंगी बाईक चाहिए थी जैसी उसके दोस्तों के पास थी| पिता नेमनाकियातोपरस ने खुद की ज़िन्दगी का अंत करना चाहा| लेकिनअबजीवन के प्रति उसका नजरिया बदल गया है और वह समझ गया है जिंदगी अनमोल है| बस समस्याओ के निराकरण के लिए सही दिशा और सकारात्मक सोच की जरूरत होती है।

यह बदलाव उसके जीवन में जिला अस्पताल में चल रहे किशोर परामर्श केंद्र की वजह से हुआ है|राष्ट्रीय किशोर स्वास्थ्य कार्यक्रम के अंतर्गत किशोर परामर्श केंद्र यानी एडोलिसेंस फ्रेंडली हेल्थ सेंटर में 10 से 19 वर्ष के किशोर किशोरियों  को चिकित्सीय एवं परामर्श सुविधाएं प्रदान की जाती है,जिसका मुख्य उद्धेश्य किशोर/ किशोरियों में आ रहे शारीरिक एवं मानसिक परिवर्तन की समस्या को हल करना है।

किशोरावस्था एक ऐसी अवस्था होती है जब 10-19 वर्ष तक के बच्चे कई प्रकार के मानसिक और शारीरिक बदलाव से गुज़रते हैं| उनके मन में कई सवाल होते हैं जिनका सही उत्तर मिलना ज़रूरी होता है|सही जवाबों के अभाव में भ्रान्तिया पनपती हैं और युवा गलत कदम भी उठा सकता है|

इन्ही समस्याओं के समाधान के किया किशोर परामर्श केंद्र राष्ट्रीय किशोर स्वास्थ कार्यक्रम के अंतर्गत चलाये जा रहे हैं जहाँ मानसिक स्वास्थ के साथ साथ शारीरिक स्वास्थ पर भी सही जानकारिय दी जाती हैं और किशोरे/किशोरियों का नाम भी गुप्त रखा जाता है|

जिले में एडोलिसेंस फ्रेंडली हेल्थ सेंटरजिला चिकित्सालय बैकुंठपुर,सामुदायिक स्वास्थ केंद्र मनेन्द्रगढ़, और जनकपुर में संचालित किये जा रहे हैजिनमें युवाओं के शारीरिक और मानसिक विकास पर ध्यान दिया जा रहा है। राष्ट्रीय किशोर स्वास्थ्य कार्यकम (आरकेएसके) अडोलसेंट फ्रंडली हेल्थ सर्विसेज,पीयर एजुकेशन, वीकली आयरन फोलिक एसिड सप्लिमेंटेशन, औरकिशोरी स्वास्थ कार्यक्रमके माध्यम से सेवा प्रदान करता है।

सीएमएचओ डां रामेश्वर शर्मा ने  बताया:” केंद्र पर चिकित्सा सुविधाओं के रूप में मासिक धर्म की समस्या, यौन संचारित रोग, त्वचा संबंधी समस्या, आयरन फोलिक एसिड, गर्भनिरोध के साधन, और टीकाकरण की सुविधाएं उपलब्ध है यहां किशोरो को सही शिक्षा, बेहतर पोषण व उचित मार्गदर्शन निशुल्क मिलता है।“

स्वास्थ्य विभाग से प्राप्त आंकडो के अनुसार जिले के किशोर स्वास्थ्य केन्द्र में विगत चार माह में कुल 150 लोगो ने जांच करा कर लाभ उठाया है।

छत्तीसगढ़ में 155 परामर्श केंद्र सरकार द्वारा चलाये जा रहे हैं जिनमें  न्यूट्रीशन, यौन शोषण के खिलाफ से बचाव, विवाह पूर्व परामर्श, हिंसा आत्महत्या की ओर झुकाव से छुटकारा, ड्रग एब्यूज हिंसा, मानसिक अस्थिरता और पढ़ाई में आ रही समस्याओं को दूर करने के लिए परामर्श  दिया जाता हैं।पियर एजुकेटर ग्रुप  के द्वारा परामर्शदाता स्कूल, कॉलेज, एनसीसी और एनएसएस में किशोर- किशोरियों को स्वस्थ रहने के लिए परामर्श भी देते है।

किशोर अनुकूल स्वास्थ्य क्लीनिक (AFHCs) के संचालन में परामर्शदाता की महत्वपूर्ण भूमिका है। वे किशोर स्वास्थ्य मुद्दों पर सूचित, शिक्षित और परामर्श करते हैं एकीकृत परामर्श परीक्षण केंद्र (ICTC), नशामुक्ति केंद्र, गैर संचारी रोग क्लीनिक आदि इसके अलावा, आउटरीच सेवाओं द्वारा स्कूलों, कॉलेजों, युवा क्लबों और समुदाय में काउंसलर सप्ताह में कम से कम दो बार किशोरों, देखभाल करने वालों और प्रभावित करने वालों को विभिन्न किशोर स्वास्थ्य मुद्दों पर संवेदनशील बनाने और उन्हें विभिन्न उपलब्ध किशोर अनुकूल स्वास्थ्य सेवाओं से अवगत कराते हैं।

एएफएचसी यौन और प्रजनन स्वास्थ्य (एसआरएच) से लेकर पोषण, मादक द्रव्यों के सेवन, चोटों और हिंसा (लिंग आधारित हिंसा, गैर संचारी रोग और मानसिक स्वास्थ्य सहित) से लेकर विभिन्न किशोर स्वास्थ्य ​​ में मदद करती हैं। प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्रों (PHCs), सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्रों (CHCs) और जिला अस्पतालों (DHs) और मेडिकल कॉलेजों में स्थित AFHCs में प्रशिक्षित दोस्ताना सेवा और काउंसलर के माध्यम से किशोरावस्था के अनुकूल स्वास्थ्य सेवाएं जो विशेष रूप से किशोरों की जरूरतों को पूरा करती हैंकी बेहतर उपलब्धता, पहुँच और उपयोग को सुनिश्चित करने में मदद करती हैं।

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