संदीप तिवारी, 3 नवंबर 2019, जिस राज्य में मुख्यमंत्री स्वयं किसान हों और किसानों का उन्हें मसीहा माना जा रहा हो उस राज्य में गरीब किसान से व्यापारी दबंगई पूर्वक लूट मचा रहे है. और व्यापारी के खिलाफ आईजी के कहने के बाद भी एफआईआर नहीं होती। छत्तीसगढ़ का मूल निवासी और यहां का आदिवासी हमेशा से ही लूटा जाता रहा है. व्यापारियों ने यहां पर भोले भाले आदिवासी और और किसानों को हमेशा दबाव पूर्वक लूट-खसोट करते रहें हैं. इनकी अंग्रेजी मानसिकता गई नहीं है. इसका एक नमूना जशपुर में देखने को मिला है.

धमकी देने वाला नितिन अग्रवाल

प्राप्त जानकारी के अनुसार एक दबंग व्यापारी का बेटा जिसका नाम नितिन अग्रवाल बताया जा रहा है, आलू की फसल लेकर किसान का पैसा भी नहीं दे रहा और दबाव पूर्वक धमकी देकर उससे उसी के परिवार के खिलाफ बयान लिखवा रहा है. जिसका ऑडियो शोसल मीडिया में जमकर वायरल हो रहा है. साथ ही एक बड़े पुलिस अधिकारी का रिश्तेदार होना भी बता रहा है.

 

ऑडियो सुन कर आप चकित रह जाएंगे कि छत्तीसगढ़ के दूरांचल जशपुर और बस्तर में व्यापारी किस तरह लूट मचा कर रखे हुए हैं. बेचारा गरीब किसान और आदिवासी आह तक नहीं कर सकता है. इनकी दबंगई ऑडियो में सुनी जा सकती है. कि किसान के बेटे को अपने घर में बैठा कर जसपुर के व्यापारी सुभाष अग्रवाल का बेटा नितिन अग्रवाल अपने मनमाफिक उससे उसी के परिवार के खिलाफ लिखवा रहा है. साथ ही यह भी कह रहा है कि अगर वह महिला नहीं होती (जो पैसे मांगने आई थी) तो “मैं काट कर फेंक देता”. उधर यह भी बता रहा है कि वह आईजी का रिश्तेदार है. आई.जी. का नाम लेते हुए अपना मौसा बता रहा है.

डरा हुआ किसान का बेटा जो वह कह रहा है वह लिखने को मजबूर हुआ. लेकिन इस पूरे घटना की ऑडियो रिकॉर्डिंग उसने कर लिया जिसे वह जशपुर के बगीचा थाना में 2 नवंबर को लिखित शिकायत प्रकरण की है. शिकायत में यह भी कहा है कि सेठ सुभाष अग्रवाल का लड़का नितिन अग्रवाल उन किसानों को यह कहते हुए भी धमकाया है कि तुम लोग भविष्य में आओगे तो तुम्हें गांजा अफीम के केस में फंसा दूंगा।

प्राप्त जानकारी के अनुसार किसान त्रिवेणी राम निवासी बगीचा ने बगीचा के व्यापारी सुभाष अग्रवाल को ₹22 किलो की दर से अपना आलू बेचा था जब वह पैसा मांगा तो वह कहने लगा कि अभी आलू बेचकर आएगा तब पैसा देगा साथ ही बाद में यह कहने लगा कि अब वह ₹22 नहीं ₹11 भुगतान करेगा।

अंबिकापुर आईजी केसी अग्रवाल ने एसजी न्यूज़ से बात करते हुए कहा कि मैं ऐसे व्यक्ति को नहीं जानता हूं और थाना प्रभारी को कार्यवाही करने के निर्देश दिया हूँ.

जसपुर पुलिस अधीक्षक से ऐसी न्यूज़ में प्रकरण में कार्यवाही की जानकारी मांगी जिसमें एसपी ने बताया कि अभी तक कोई कार्यवाही नहीं हुई है. पुलिस जांच कर रही है.

पुलिस की कार्यवाही पर उठ रहे सवाल-
कोई आदमी आईजी जैसे पद में बैठे व्यक्ति के नाम का दुरुपयोग कर रहा हो और आईजी स्वयं कड़ी कार्रवाई की बात कह रहे हो और थाना प्रभारी को फोन लगा रहे हैं फिर भी एसपी यह कह रहे हैं कि अभी तक कोई कार्यवाही नहीं हुई है यह पूरे प्रकरण में लीपापोती की शंका जाहिर करता है कि आखिर जो व्यक्ति पुलिस का रिश्तेदार होने की धमकी दे रहा है उसी के ऊपर आखिर पुलिस कार्यवाही क्यों नहीं कर रही है? क्या सच में हो रिश्तेदार है? या फिर किसी राजनीतिक दबाव में पुलिस कार्यवाही करने से पीछे हट रही है? प्राप्त जानकारी के अनुसार न्यूज लिखे जाने तक पुलिस द्वारा कोई एफआईआर दर्ज नहीं की गई है.

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