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कैसे अज्ञानता पूर्ण वन विभाग खुद बढ़ा रहा मानव हाथी द्वंद? एनिमल वेलफेयर बोर्ड ने लिया संज्ञान… शिकायत पर कानूनी कार्यवाही के लिए मुख्य सचिव, पीसीसीएफ, डीजीपी और अन्य को भेजा तत्काल मेल..

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संदीप तिवारी, रायपुर, 08 जनवरी 2020, यूं तो आए दिन छत्तीसगढ़ का वन विभाग वन्यजीवों के संरक्षण को लेकर आरोपों से घिरता रहता है. परंतु अब यह स्पष्ट हो चला है कि वन विभाग वास्तव में चाहता है कि हाथी हिंसक हो जावे! जिससे या तो उन्हें पकड़कर कैद कर लिया जाए या फिर गोली मारने का मौका मिल जाये? आखिर विभाग ऐसी गलती क्यों करता है जिससे हाथी हिंसक हो जाएँ और जनहानि कर दें.

दरअसल महासमुंद वन मंडल के वन परिक्षेत्र महासमुंद के ग्राम खड़साडी का वीडियो सामने आया है जिसमें हाथी पर वन विभाग के कर्मचारी, ग्रामीणों के साथ मिल कर आग की मशाले फेंक रहे हैं, इन्हें हाथी मित्र दल कहते है. विडियो के अंत में तो आग के मशाले हाथी पर भी गिरते हुए दिख रही है. हाथी का नाम ME1 बताया जाता है. प्राप्त जानकारी के अनुसार यह वीडियो 14 दिसंबर का बताया जाता है जिसमें महासमुंद वन मंडल महासमुंद परीक्षेत्र के हाथी रात्रि गश्ती दल के प्रमुख वनपाल और वनरक्षक का होना बताया जा रहा है. वाहन भी वही है जिससे गजराज वाहन एवं उड़नदस्ता वाहन नाम दिया गया है.

आग जलाकर वनवासी पहले भी जानवर से करते थे अपनी सुरक्षा
एक पूर्व वन अधिकारी का कहना है कि वनक्षेत्र में निवास करने वाले पुराने समय में भी जानवरों से बचने के लिए आग का सहारा लेते थे किन्तु जानवरों के ऊपर आग नहीं फेकते थे. इस कृत्य से हाथी विगडैल बन सकता है और जनहानि करना शुरू कर देते हैं इसलिए वन्यजीव क्षेत्र में हार्न भी बजाना वर्जित रहता है.

एसजी न्यूज़ ने एक हाथी मित्र दल के प्रमुख से बात की तो उन्होंने बताया की हाथी को गाँव में आने से रोकने के किये हाथ में मशाल लेके दिखाया जाता है परन्तु आग नहीं फेकते और ग्रामीणों को आग फेकने से मना करते है परन्तु विडियो कुछ और ही बया कर रहा है. एसजी न्यूज़ ने क्षेत्र के एक अन्य ग्रामीणों से बात की तो उन्होंने बताया कि आए दिन इस प्रकार की घटनाएं घटती रहती है. अगर कोई ग्रामीण हाथी को परेशान करता है तो उसे थाने में बैठा दिया जाता है पर वन विभाग के कर्मचारी आग की मशाले फेकते है और क्रूरता करते हैं तब कुछ नहीं होता.

एनीमल वेलफेयर बोर्ड ने लिया संज्ञान में
प्रकरण की शिकायत रायपुर के वन्य जीव प्रेमी ने एनिमल वेलफेयर बोर्ड से की जिसके बाद बोर्ड ने मामले को गंभीरता से लेते हुए तत्काल ही प्रधान मुख्य वन संरक्षक को निर्देश जारी कर ई-मेल की प्रति मुख्य सचिव और डीजीपी को भी भेजी है जिसमें उल्लेखित है कि संबंधित अधिकारियों के विरुद्ध कानूनी कार्यवाही कर एक्शन टेकन रिपोर्ट बोर्ड को आगे की कार्यवाही के लिए भिजवाई जाए.

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