December 2, 2022

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अनियमित कर्मचारियों की हड़ताल खत्म, सुभाष मिश्र की अगुआई में प्रशासन और शासन के साथ सकारात्मक चर्चा

रायपुर, मुख्यमंत्री डॉ रमन सिंह को छत्तीसगढ़ अधिकारी फेडरेशन के प्रांतीय संयोजक सुभाष मिश्रा द्वारा अनियमित कर्मचारियों के पक्ष में दिए गए ज्ञापन पर त्वरित कार्रवाई करते हुए मुख्यमंत्री द्वारा प्रदेश के मुख्य सचिव को अनियमित कर्मचारियों के छत्तीसगढ़ संयुक्त प्रगतिशील कर्मचारी महासंघ से चर्चा कर कोई समाधान तैयार करने हेतु निर्देशित किया गया । मुख्य सचिव से चर्चा हेतु महासंघ की ओर से सुभाष मिश्रा की अध्यक्षता में महासंघ के प्रतिनिधिमंडल, जिसमें डॉ योगेश पटेल, डॉ सौरभ शर्मा, डॉ अनुराग साहू, आनंद मिरी, चंद्रहास श्रीवास, शेख मुस्तकीम तथा अन्य शामिल थे, ने भेंट की और अपनी मांगों से अवगत कराया । मुख्य सचिव ने सार्थक चर्चा हेतु सामान्य प्रशासन विभाग की सचिव रीता शांडिल्य को भी चर्चा में शामिल करने हेतु बुलाया हुआ था ।

चर्चा के दौरान प्रतिनिधिमंडल ने मुख्य सचिव को अवगत कराया कि प्रदेश में विभिन्न विभागों में संविदा पर लगभग 20 हजार, स्वास्थ्य विभाग में 10 हजार, रोजगार सहायक 10 हजार, ठेकाकर्मी 90 हजार और अन्य अनियमित कर्मचारी लगभग 50 हजार कार्यरत हैं । इस पर मुख्य सचिव ने कहा कि चूंकि ये सभी अनियमित कर्मचारी अलग अलग विभागों से हैं अतः संबंधित विभाग के सचिवों की एक बैठक आयोजित की जाएगी तथा सहानुभूतिपूर्वक विचार कर सबके लिए अच्छा निर्णय लिया जाएगा । सुभाष मिश्रा ने इस पर शासन को संविदा सहित सभी प्रकार के अनियमित कर्मचारियों के लिए फार्मूला दिया, जो निम्नानुसार है :-
1. संविदाकर्मियों हेतु – जिस तरह से राज्य के एक लाख से अधिक शिक्षाकर्मियों को 8 वर्ष की सेवाअवधि पूर्ण करने पर शासन ने अपना नियमित कर्मचारी घोषित किया है उसी तरह नियम प्रक्रिया का निर्धारण कर 8 वर्ष की सेवाअवधि पूर्ण करने वाले संविदाकर्मियों को नियमित किया जाता है तो लगभग 20 से 22 हजार संविदाकर्मी इस दायरे में आयेंगें तथा शेष जैसे-जैसे निर्धारित सेवाअवधि के दायरे में आयेंगें, उन्हें नियमित किया जा सकता है, इससे न्यूनतम वित्तीयभार ही शासन पर आएगा । इनमें भी अधिकांशतः संविदाकर्मी केन्द्र प्रवर्तित योजनाओं में कार्यरत हैं, इन्हें नियमित करने से अधिकांश वेतन केन्द्र सरकार से प्राप्त हो जावेगा ।
2. दैनिकवेतनभोगी कर्मियों हेतु – पूर्व में 1999 तक के दैनिक वेतनभागी कर्मचारियों को 2007-08 में नियमित किया जा चुका है । इसी के अनुरूप कोई वर्ष निर्धारण कर शेष बचे हुए दैनिक वेतनभागी कर्मचारियों को भी नियमित करने की प्रक्रिया अपनाई जा सकती है ।
उक्त दोनों कैडर के अतिरिक्त शासकीय प्रयोजनों से नियुक्त सभी कर्मचारियों को वर्तमान में मिल रहे वेतन में ही 62 वर्ष तक की जाॅब सिक्युरिटी दी जा सकती है।
3. आउटसोर्सिंग से कार्यरत कर्मचारियों हेतु – प्रदेश के सभी जिलों में रोजगार कार्यालय संचालित हैं जिनके पास पूरे जिले के बेरोजगार युवाओं की विस्तृत जानकारी है, उन्हें आउटसोर्सिंग हेतु अधिकृत किया जा सकता है । इससे शासन का जो व्यय आउटसोर्सिंग एजेंसियों पर होता है उसकी बचत होगी तथा इनसे लिए गये कर्मचारियों के हितों की रक्षा बेहतर ढंग से की जा सकेगी ।
4. महासंघ द्वारा आहूत हड़ताल में शामिल कर्मचारियों पर कुछ जिलों में अनुशासनात्मक कार्यवाही की गई है, जिसे वापिस लेते हुए की गई समस्त कार्यवाहियों को शून्य किया जाना उचित होगा ।

ज्ञातव्य हो कि अनियमित कर्मचारियों की विगत 22 दिन से हड़ताल जारी थी । हड़ताल अवधि में जिन कर्मचारियों पर अनुशासनात्मक कार्यवाही की गई है, मुख्य सचिव ने ऐसी सभी कार्यवाही शून्य करने पर सहमति दी । दूसरी ओर भूतपूर्व सांसद तथा वर्तमान महापौर राजनांदगांव, मधुसूदन यादव ने भी महासंघ की ओर से मुख्यमंत्री से चर्चा कर कोई सार्थक नतीजा निकालने का आश्वसान महासंघ के अध्यक्ष अनिल देवांगन तथा महासंघ के 20 जिलों के अध्यक्ष को डोंगरगढ़ में हुई भेंट में दिया । श्री यादव ने कहा कि माननीय मुख्यमंत्री जी कर्मचारी हितों को लेकर बहुत संवेदनशील हैं और वो कभी नहीं चाहेंगे कि किसी भी अनियमित कर्मचारी का शोषण हो और उसकी नौकरी जाए, ऐसे में मैं आपको आश्वस्त करता हूँ कि हड़ताल अवधि के दौरान की गई सभी अनुशासनात्मक कार्यवाहियां शून्य की जाएंगी तथा सभी को वापिस नौकरी पर लिया जाएगा । प्रदेश के ठेकाकर्मियों की ओर से संपदा अधिकारी ए.एम. शेख ने श्री यादव के सामने उनका पक्ष रखा, जिस पर भी उचित निर्णय लेने का आश्वासन श्री यादव ने दिया ।

महासंघ के अध्यक्ष अनिल देवांगन ने प्रदेश के मुख्यमंत्री को उनकी सकारात्मक पहल के लिए धन्यवाद ज्ञापित किया और आशा व्यक्त की कि प्रदेश के मुखिया होने के नाते माननीय मुख्यमंत्री कुछ अच्छा ही निर्णय हमारे लिए लेंगे । शासन, प्रशासन के इस सकारात्मक रुख को देखते हुए हम अपनी हड़ताल वापिस ले रहे हैं जिसकी विधिवत सूचना कल दोपहर एक बजे हड़ताल के मंच से की जाएगी तथा तत्काल बाद एक प्रेस कॉन्फ्रेंस का आयोजन कर भी इसकी सूचना दी जाएगी । हम सभी अनियमित कर्मचारी एक-दो दिन में अपने कर्तव्यों पर उपस्थित हो जाएंगे तथा प्रदेश के विकास में पहले की तरह ही बढ़ चढ़ कर हिस्सा लेंगे ।

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