July 5, 2022

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आदिवासी नाबालिक बच्ची का अपहरण कर कई दिनों तक हुआ दुष्कर्म, सरकारी अमले ने कराई जांच, प्रेग्नेंसी आने पर भी नही हुई एफआईआर, कराहती बच्ची के दर्द से बेखबर अधिकरी अपनी साख बचाने की जुगत में लगे है।

दुर्ग। रीतेश तिवारी। सीडब्लूसी और महिला बाल विकास विभाग ने गभीर मामले में पर्दा डालने का किया प्रयास। पीड़ित बच्ची को अस्पताल की जगह निजी वाहन से भेजा 300 किलोमीटर दूर पिता के घर। नही हुआ कोई एफआईआर और न इलाज। बच्ची की हालात गंभीर।

सरकारी संवेदनहीन शर्मनाक सिस्टम के आगे लाचार हो गई एक मासूम बच्ची। पिछले 45 दिनों से दर्द से कराह रही मासूम और जिम्मेदार बाल अधिकारी मुस्कुरा रहे। बच्ची के प्रेग्नेंट होने गैंगरेप होने की जानकारी मिलने के बाद भी अस्पताल की बजाय 22 दिनों तक खुला आश्रय बालिका गृह रायपुर में रखा गया। उसके बाद मीडिया को खबर न लग जाए इसके कारण चोरी छुपे सीधे आश्रय गृह से दुर्ग और फिर उसके गांव रायगढ़ भेज दिया गया।

दरअसल 16 नवम्बर को दर्द से कराहते हुए एक 15 साल की मासूम बच्ची दुर्ग रेलवे स्टेशन के प्लेटफार्म न दो में बैठी हुयी थी। यात्रियों ने बच्ची की हालत देखते हुए चाइल्ड हेल्प लाइन न 1098 में फोन कर बच्ची की हालात से अवगत कराया। चाइल्ड लाइन की टीम बच्ची को लेकर सीधे चाइल्ड वेलफेयर कमेटी यानी सीडब्लूसी के दफ्तर पहुंची जहा मौजूद सीडब्लूसी के अध्यक्ष पुस्पा पटेल समेत चारो सदस्यों ने पीड़ित बच्ची का इलाज मेडिकल चेकउप कराने की वजाय सीधे खुला आश्रय बालिका गृह रायपुर भेज दिया। बच्ची दर्द से कराहती रही शरीर के कई जगहों पर गंभीर चोट के निशान भी पीड़ित बच्ची का सारा दर्द ब्यान कर रहे थे लेकिन संवेदनहीन अधिकारियों को बच्ची की तकलीफ न दिखाई दी न सुनाई दी। दूसरे दिन यानी 17 नवम्बर को खुला आश्रय बालिका गृह के अधिकारियों ने जिला अस्पताल रायपुर में बच्ची का मेडिकल चेकउप कराया जिसमे बच्ची का प्रेग्नेंट होना बताया गया।

प्राप्त जानकारी के अनुसार रायपुर खुला आश्रय बालिका गृह के अधिकारियों ने बच्ची की विधवत काउंसिलिंग की जिसमे बच्ची ने अपने ऊपर बीती पूरी घटना बताई।

पीड़ित बच्ची और महिला काउंसलर के मुताबिक बच्ची की माँ का देहांत हो चुका है बच्ची रायगढ़ जिले की रहने वाली है। घर के पास तालाब में नहा कर वापस घर जा रही थी की बच्ची का जीजा और उसके साथ दो अन्य लोगो ने जबरन बच्ची को अपने गाडी में बैठा कर कानपुर यूपी ले गए जहा बच्ची के साथ सामूहिक दुष्कर्म किया गया। दस दिनों तक बंधक बना कर कमरे में बंद कर दिया जाता था। खाने की जगह डंडो से पिटाई भी की जाती थी। आरोपी जीजा ने 16 नवबर को दुर्ग रेलवे स्टेशन में बच्ची को गंभीर हालत में छोड़ कर भाग गया।

एसजी न्यूज़ की पड़ताल में पता चला कि सारी घटना की जानकारी होने के बावजूद जिम्मेदार अधिकारियों द्वारा आज दिनांक कोई एफआईआर अभी तक नही कराई गई।

एसजी न्यूज़ नेटवर्क ने जब संवेदनहीन बने दुर्ग के अधिकारियों से बात की तो सभी ने अपना पल्ला झाड़ने की कोशिस की लेकिन एसजी न्यूज़ नेटवर्क के सवालों से घबरा गए अधिकारी और अब कार्यवाही करने की बात कर रहे है। सीडब्लूसी की अध्यक्ष पुस्पा पटेल ने तो पहले बच्ची के स्वास्थ होने की बात कही कोई घटना न होना बताया बाद में जांच कर कार्यवाही होने की बात कही।

पुस्पा पटेल का कहना है की दुर्ग में बच्ची का मेडिकल चेकउप कराने की हमारे पास कोई सुविधा नही थी इस कारण सीधे रायपुर आश्रय गृह भेज दिया जब की हकीकत ये है की दुर्ग में कई बड़े सरकारी अस्पताल है जिसमे सारी जाँच की सुविधा है।

जिला बाल संरक्षण अधिकारी किसन साहू का कहना है की हमें किसी भी तरह की जानकारी नही दी गई। सीडब्लूसी हमें जानकारी देती तो हम एफआईआर दर्ज कराते और बच्ची को न्याय दिलाते। जल्द ही अपने बड़े अधिकारियों से बात कर जाँच करेंगे और कार्यवाही करेंगे।

रायपुर राजधानी से लेकर दुर्ग जिले के जिम्मेदार अधिकारियों ने अपनी साख बचाने के चक्कर में एक मासूम की जिंदगी दांव पर लगा दी है। इन्साफ दिलाने की बात तो कोशो दूर बच्ची का सही इलाज तक नही करा पाए ये अधिकारी। अधिकारियों को तो शर्म भी नही आती सब कुछ जानने के बाद भी अनजान बने बैठे है। अब देखना होगा आखिर कब तक पीड़ित बच्ची को इन्साफ मिल पाता है। संवेदनहीन अधिकारियों पर कब तक कार्यवाही होगी ? बच्ची के साथ दरिंदगी करने वाले दरिंदो कब सजा मिल पाएगी ?

बच्चो की देखरेख सुरक्षा और न्याय दिलाने वाले अधिकारियों पर एक नजर।

(1)हमें नहीं मालूम की बच्ची किसी हादसे का शिकार हो चुकी है। काउंसिलिंग के दौरान बच्ची ने घर से भटक कर दुर्ग आना बताया था। मेडिकल रिपोर्ट और खुला आश्रय बालिका गृह रायपुर ने क्या काउंसिलिंग की मुझे कोई जानकारी नहीं दी गई। बच्ची रायगढ़ सीडब्लूसी के पास भेज दिया गया है अब जो भी करना होगा वही करेंगे। रायपुर खुला आश्रय गृह पर कार्यवाही के लिए पत्र लिखा जाएगा।
पुस्पा पटेल अध्यक्ष सीडब्लूसी दुर्ग)

(2) सीडबलूसी हमें घटना से अवगत कराया होता तो हम जरूर एफआईआर कराते सीडब्लूसी के आदेश के बाद ही हम कुछ आगे की कार्यवाही कर सकते है।
किसन साहू, जिला बाल संरक्षण अधिकारी दुर्ग-

(3) बच्ची के साथ क्या हुआ इसकी जानकारी नही है सीडब्लूसी ने बच्ची को घर भेजने के लिए वाहन की मांग की थी हमने वाहन उपलब्ध करा कर बच्ची को रायगढ़ भेजवा दिया है। इस तरह गंभीर घटना के मामले में सीडब्लूसी हमे आदेश करती तो हम जरूर कार्यवाही करते अब सीडब्लूसी रायगढ़ को जो करना है वही करेगी।
अशोक पांडे जिला कार्यक्रम अधिकारी महिला बाल विकास दुर्ग

4. मुझे जानकारी नही थी बच्ची के साथ जो भी घटना हुई वह बहुत ही दुःखद है। बच्ची को इंसाफ मिलेगा। आरोपियों को गिरफ्तार कराया जाएगा। आयोग पूरी जांच करेगा।
श्रीमती प्रभा दुबे अध्यक्ष राज्य बाल आयोग छत्तीसगढ़।

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