December 2, 2022

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एमपी गजब है: 1 सिपाही और 56 गांव की सुरक्षा!

रीवा। रीतेश तिवारी (विशेष संवाददाता)। मध्यप्रदेश सरकार का विज्ञापन आता है एमपी गजब है, इसमें कोई शक नही की एमपी अजब-गजब है। मध्य प्रदेश के रीवा जिले में पुलिस चौकी का हाल गजब है, यकीनन बहुत ही बेहाल है। सफ़ेद शेरो की धरती कहे जाने वाला मध्य प्रदेश का रीवा जिला। मुख्यालय से महज 35 किलोमीटर की दूरी पर बसा है मनिकवार गांव। इस गांव में एक पुलिस चौकी है। इस पुलिस चौकी में 56 गांव की सुरक्षा की जुम्मेदारी है।

महज एक सिपाही जिनकी लगभग सेवानिवृत की उम्र हो रही है, इस पुलिस चौकी में 24 घंटे अपनी जिम्मेदारी सभाल रहा है। 24 घंटे चौकी में रहना वही खाना पीना और रपट से लेकर जाँच पड़ताल तक अपराधियों की धरपकड़ से लेकर मेडिकल कराने तक सब कुछ एक पुलिस कर्मी के हवाले है और वो है पुलिस चौकी के मुंशी अमरीश द्विवेदी। ये कोई फिल्मी कहानी नही हकीकत है।

मुंशी अमरीश द्विवेदी

प्राप्त जानकारी कर अनुसार वैसे तो इस चौकी में कुल तीन पुलिस कर्मी की डियूटी है, एक एसआई एक आरक्षक और एक मुंशी। लेकिन एसआई और आरक्षक मुख्य थाना मनिगवा में अपनी डियूटी बजा रहे है। कभी कभार मनमौजी हुआ तो हाजरी लगाने पहुंच जाते है चौकी।

अब अकेले मुंशी जी भी बड़े परेशान है की आखिर 56 गांव की सुरक्षा कैसे सभाले। खुद की एक मोटर साइकल है जो सभालती नहीं आये दिन बिगड़ती रहती है ऐसे में अकेले अपराधियों को पकड़ना अपराध में लगाम लगाना कैसे संभव होगा। स्थानीय पत्रकार शैलेन्द्र जायसवाल और ग्रामीणों का कहना है कि जब भी पुलिस चौकी गए तो सिर्फ मुंशी अमरीश द्विवेदी के अलावा कोई नहीं मिला अकेले मुंशी ही रिपोर्ट लिखा करते है। रिपोर्ट के बाद विवेचना करने कैसे निकले ये समझ नही पा रहे हैं, चौकी में रहना भी अनिवार्य है और अपराधों में लगाम भी लगना दोनों काम कैसे करे कसमकस में पड़े रहते है।

ऐसे पुलिस की लचर व्यवस्था से कैसे अपराध पर लगाम लगेगी अब आप ही ज़रा सोचिये। वैसे भी मध्य प्रदेश बलत्कार, अपहरण, हत्या आदि की घटनाएं रोज हो रही हैं। डिजिटल युग में जहा हर जानकारी चंद पलो में मिल जाती है वहा एक कम्प्यूटर तक नहीं एक सरकारी वाहन तक नहीं अगर है तो सिर्फ एक पुलिस कर्मी और 56 गांव का लेखा जोखा? कब सुधरेगा एमपी पुलिस का हाल ये कह पाना भी बहुत मुश्किल है।

पूरे प्रदेश की जनता असुरक्षित
मध्यप्रदेश का शासन और प्रशासन दोनो पूरी तरह निष्क्रीय है। जनता भाजपा सरकार में खुद को असुरक्षित महसूस कर रही है। आये दिन खुले आम अपहरण, चोरी डकैती हो रही सरकार को जनता की कोई चिंता नही है। विशेषकर रीवा प्रशासन की इन्ही लचर व्यवस्था से अपराध का गढ़ बन गया है।
दिवाकर द्विवेदी, जिला अध्यक्ष, कांग्रेस युवा मोर्चा रीवा

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