November 26, 2022

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कृपया ध्यान दें: शासकीय विभागों से सूचना प्राप्ति की इक्षा रखने वालों के बुरे दिन 23 अगस्त से होने वाले हैं शुरू

रायपुर। शासकीय विभागों से सूचना प्राप्ति की इक्षा रखने वालों के बुरे दिन 23 अगस्त से शुरू होने वाले हैं। छत्तीसगढ़ राज्य सूचना आयोग जल्द ही नया रायपुर में शिफ्ट हो रहा है। आयोग के कर्मचारियों की माने तो 23 अगस्त से नया रायपुर में राज्य सूचना आयोग अपनी सुनवाई प्रारंभ कर देगा। जब भी आप राज्य सूचना आयोग की सुनवाई में अगली बार जाए तो अवश्य पता करके जाए कि सुनवाई कहा हो रही रायपुर या नया रायपुर?

सूचना चाहने वाले और सामाजिक कार्यकर्ता हुए नाराज-
अधिकांश सूचना के लिए लड़ाई लड़ने वाले और सामाजिक कार्यकर्ता इस बात से नाराज है कि सरकार ऐसे कार्यालय को शहर से 30 किमी दूर ले जा रही जहा रोज प्रदेश भर से प्रताड़ित जनता अपना दुख लेकर राज्य सूचना आयोग सूचना प्राप्त करने आती है अब उसे 30 किमी और चलकर दुखी होना पड़ेगा।

सामाजिक कार्यकर्ता ममता शर्मा ने कहा सरकार को आम जनता का ध्यान में रखकर निर्णय लिया जाना था, प्रदेश के दूर दराज इलाकों से आने वालों के लिये यह कठिन होगा की वह नया रायपुर 30 किमी दूर जाए और पूरा दिन वही गुजार दे। विशेषकर महिलाओं के लिए यह बहुत ही असुविधा जनक हो जाएगा। लेकिन सरकार जनता की सुविधा देखती कहा है उसे सिर्फ सरकारी अधिकारी कमर्चारियों की सुविधा से मतलब रहता है।

सामाजिक और आर.टी.आई कार्यकर्ता राकेश चौबे का कहना है कि राज्य सूचना आयोग शहर में होने से सुनवाई में जाना सुविधाजनक था। सुनवाई के बाद भी कई कार्य निपटा लेते थे किंतु नया रायपुर जाना मतलब समय और धन दोनों की बर्बादी होनी है। अब सरकार को ये बात समझाए कौन?

“आम आदमी पार्टी” के नेता एवं आर.टी.आई. कार्यकर्ता उचित शर्मा ने कहा सरकार को जनता की सुविधा से कोई लेना देना नही है। ना तो सरकार और न ही सरकारी कर्मचारी ये चाहते कि उन्हें जानकारी देना पड़े। ये तो जनता के लिए दुखद किन्तु सरकारी अधिकारियों के लिए अच्छी खबर है कि अब उनके पास जनता कम पहुचेगी।

आर.टी.आई और सामाजिक कार्यकर्ता कुणाल शुक्ला ने कहा राज्य सूचना आयोग का कार्यालय शहर में होना चाहिए, सैकड़ों किमी दूर से राजधानी आने वाली जनता को 30 किमी दूर जाने के लिए वाहन खोजना, फिर वहां जाकर बिना खायेपिये दिनभर गुजरना जहा चाय-पानी तक न मिलता हो,अति कष्टदाई है। लेकिन सरकार और अधिकारियों को जनता से कोई लेना देना नही है वो वैसे ही जनता से दूर रहना चाहते है।

सरगुजा से आने वाले आर.टी.आई कार्यकर्ता और अधिवक्ता डी.के.सोनी
ने कहा हम 500 किमी दूर से राजधानी आते है तो कई काम लेकर आते है। सुनवाई के अलावा भी छोटे बड़े काम कर लेते थे और शाम को वापस भी आ जाते थे,किंतु अब नया राजधानी जाना पड़ेगा तो एक ही काम हो सकता है। दूसरी ओर वाहन ऑटो की परेशानी होती है। नया रायपुर ऑटो से जाना हो तो 500 रुपये लगते है।

पहले भी हुआ था विरोध
राज्य सूचना आयोग का नया रायपुर ले जाने का पहले भी आईटीआई कार्यकर्ता विरोध कर चुके है।

दिव्यांग और महिलाओं को परेशानी
बीआरटीएस बस स्टैंड आयोग के नए कार्यालय के सामने नही है, ऐसे में अगर दिव्यांंग या महिला बस से जाती है,तो कम से कम 1.5 किमी पैदल चलना पड़ सकता है। नया रायपुर में ऑटो या रिक्शा की सुविधा वर्तमान में उपलब्ध नही है।

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