December 2, 2022

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क्षेत्र में बेरोजगारी और बाहर के लोगों को दिया जा रहा रोजगार, जल्द ही नही मिला रोजगार तो इस माह करेंगे मुख्य मार्ग पर चक्काजाम

बालोद। डिलेश्वर देवांगन। जिले के डौण्डी क्षेत्र में आयरन की खदाने संचालित हो रही हैं, जहाँ से एशिया के सबसे बड़े स्टील प्लांट को कच्चा लोहे का निर्यात किया जाता हैं । लेकिन डौण्डी क्षेत्र के करीब 15 गावों के ग्रामीणों को रोजगार नही मिल रहा हैं । रोजगार को लेकर कई बार बीएसपी प्रबन्धन व शासन प्रशासन को गुहार लगा चुके हैं परन्तु प्रबन्धन और कलेक्टर द्वारा केवल आश्वासन पर आश्वासन दिया जा रहा हैं ।जिससे ग्रामीणों में प्रबन्धन व प्रशासन के खिलाफ काफी नराजगी देखी जा रही हैं । उक्त मागो को लेकर डौण्डी के सैकड़ो ग्रामीणों ने मंगलवार को कलेक्टोरेट पहुंचकर कलेक्टर के नाम अपर कलेक्टर को ज्ञापन सौपा । इस दौरान ग्रामीणों ने कलेक्टर को जनदर्शन में नही बैठने से निराश हो गए थे । ग्रामीण अपना ज्ञापन कलेक्टर को ही सौपना चाहते थे लेकिन मजबूरी में अपर कलेक्टर को ज्ञापन सौपकर अपनी भड़ास निकली। एक माह के अंदर बेरोजगारो को काम नही दिया गया तो मेन रोड में चक्काजाम करने, बाहर के मजदूरो को भगाने एव माइंस में आने जाने वाले गाडियो को बंद करने की चेतावनी ग्रामीणों ने बीएसपी प्रबन्धन व शासन प्रशासन को दी हैं।

पलायन करने पर मजबूर क्षेत्र के बेरोजगार

विकासखंड डौण्डी आदिवासी बाहुल्य क्षेत्र हैं और ज्यादातर क्षेत्र वनो से धीरा हैं । वनो के बीच में आयरन ओर का माइनसों का भंडार हैं।बालोद जिले में सबसे ज्यादा राजस्व की आय डौण्डी विकासखंड से होती हैं ।डौण्डी क्षेत्र के आस पास कई माइंस चल रहा हैं।जिसमे महामाया माइंस ,कच्चे माइंस,दुलकी माइंस,कलवर माइंस,इसके आलावा कुछ जगहों में कार्य शुरू होने वाली हैं । इस क्षेत्र में रोजगार के साधन नही होने के कारण पड़े लिखे युवको को रोजगार के दूसरे जिले में जाकर काम करने के लिए मजबूर हो गए हैं। इन बेरोजगारो को गुदुम के आयरन ओर लोडिंग के कार्य को मशीन से ना कराकर मजदूरो से कराने से बेरोजगारो को पलायन से आसानी से रोका जा सकता हैं । ग्रामीणों ने बताया की माइनसों में छोटे छोटे कार्य खुलते हैं तो तो डौण्डी के 15 गावो के बेरोजगारो को उम्मीद होता हैं की अब रोजगार मिल जाएगी लेकिन ऐसा नही किया जा रहा हैं ।बल्कि आउट सोर्सिग के माध्यम से कार्य किया जा रहा हैं ।जो डौण्डी क्षेत्र के बेरोजगार नवजवानों के साथ लगातार शासन प्रशासन व् बीएसपी प्रबन्धन द्वारा अन्याय किया जा रहा हैं।ग्रामीणों ने बताया की बीएसपी प्रबन्धन द्वारा लगातार बहार से ठेकेदारो को लाया जा रहा हैं ।वहीँ उक्त ठेकेदार डौण्डी क्षेत्र के मजदूरो को काम से निकालकर बहार से मजदूर लाकर माइंस में काम पर रख रहे हैं ।जिसके कारण स्थानीय मजदूरो को रोजीरोटी की समस्या उतपन्न हो गई हैं ।डौण्डी क्षेत्र में माइंस संचालित हो रही हैं और यहा के ग्रामीण दूसरे जगहों में काम के तलास में भटक रहे हैं । । जो कभी ग्रामीण बड़े आंदोलन कर सकते हैं ।

15 गावो के ग्रामीण 15 बार लगा चुके हैं कलेक्टर का चक्कर

डौण्डी के 15 गावो के ग्रामीण माइंस में रोजगार देने के लिए विगत दो वर्षो से शासन प्रशासन एव बीएसपी प्रबन्धन का चक्कर लगा रहे हैं । लेकिन इस पर शासन द्वारा कोई पहल नही की गई हैं ।जिससे ग्रामीणों में शासन के खिलाफ जमकर आक्रोश पनपता जा रहा हैं ।छग यवा मोर्चा के डौण्डी ब्लाक के अध्यक्ष सालिक राम सेन ने बताया की उक्त माग को लेकर कलेक्टर, एसडीएम,तहसीलदार,व् बीएसपी के महाप्रबंधक से कई बार मौखिक रूप se तथा ज्ञापन के माध्यम से अवगत करा चुके हैं ।इसके अलावा मुख्यमंत्री के नाम ज्ञापन सौप चुके हैं लेकिन इस पर कोई पहल नही की जा रही हैं ।सचिव बाल सिंह ने बताया की उक्त माग को लेकर कलेक्टर के पास जाते हैं परन्तु कलेक्टर ने एसडीएम के पास जाने को कहता ,वहीँ एसडीएम के पास जाने पर तहसीलदार केपास जाने को कहा जाता इस प्रकार का अधिकारियो व् बीएसपी के महाप्रबंधक द्वारा केवल आश्वस्त पर आश्वासन ही दिया जा रहा हैं । ग्रामीणों ने बताया की काम काज एव रोजी रोटी को छोड़कर माइंस में काम देने के लिए पिछले दो वर्षो से अधिकारियो व् जनप्रतिनिधियो का चक्कर लगा रहे हैं लेकिन अब तक केवल आश्वासन ही मिल रहा हैं । इस दौरान डौण्डी के 15 गावो के सैकड़ो ग्रामीण कलेक्ट्रोरेट पहुचकर बेरोजगारो को माइंस में काम दिलाकर पलायन रोकने तथा बेरोजगारी समाप्त करने में सहयोग करने माग पत्र अपर कलेक्टर को सौपा।

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