December 2, 2022

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दुखद: नही रहे जननायक पूर्व प्रधानमंत्री अटलबिहारी बाजपेयी, AIIMS में ली अंतिम साँसे।, देश भर में शोक की लहर

दिल्ली। नई दिल्ली के अखिल भारतीय आयुर्विज्ञान संस्थान (एम्स) में भर्ती पूर्व प्रधानमंत्री और भाजपा के वरिष्ठ नेता अटल बिहारी बाजपेयी ने अंतिम शांस ली। इसके बाद देश भर में शोक की लहर छा गई है। देश भर में उनकी लंबी आयु के लिए दुआओं का दौर चल रहा था।

वाजपेयी को मूत्रनली में संक्रमण, गुर्दा (किडनी) नली में संक्रमण, छाती में जकड़न, आदि की शिकायत के बाद 11 जून को एम्स में भर्ती कराया गया था। मधुमेह के शिकार 93 वर्षीय पूर्व प्रधानमंत्री का सिर्फ एक ही गुर्दा काम कर रहा रहा था। पिछले 24 घंटों में उनकी हालत और बिगड़ गई थी, उन्हें लाइफ सपोर्ट सिस्टम पर रखा गया था।

15 अगस्त को प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी उनका हालचाल जानने एम्स पहुंचे थे. उनके अलावा तमाम नेता पूर्व प्रधानमंत्री अटल बिहारी वाजपेयी को देखने अस्पताल पहुंच थे।

वाजपेयी साल 2009 से बीमार थे, उन्हें डिमेंशिया नाम की बीमारी थी, जिसमें मरीज़ कुछ याद नहीं रख पाता. उनका इलाज उनके घर पर ही किया जाता था, लेकिन तबियत बिगड़ने पर उन्हें 11 जून को एम्स में भर्ती कराया गया था।

जनसंघ की स्थापना में अहम भूमिका निभाने वाले अटल बिहारी वाजपेयी तीन बार प्रधानमंत्री के तौर पर देश का नेतृत्व कर चुके हैं। पहली बात साल 1996 में 16 मई से एक जून तक वह प्रधानमंत्री पद पर आसीन हुए थे। इसके बाद 1998 में 19 मार्च से 26 अप्रैल 1999 तक प्रधानमंत्री रहे और फिर 1999 में 13 अक्टूबर से 22 मई 2004 तक देश के प्रधानमंत्री रहे।

कुशल राजनीतिज्ञ होने के अलावा वह हिंदी के प्रखर कवि, वक्ता और पत्रकार भी रहे। वह 1968 से 1973 तक जनसंघ के अध्यक्ष रहे थे। राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ के समर्पित प्रचारक रहे वाजपेयी ले आजीवन अविवाहित रहने का निर्णय लिया था।

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