July 1, 2022

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देखिये वीडियो: Sc/St एक्ट के विरोध में मुख्यमंत्री शिवराज सिंह को काले झंडे दिखाए, भाजपा के नाराज कार्यकर्ता ने भाषण देते वक्त फेकी चप्पल

सीधी/रीवा। मध्य प्रदेश के मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान पर रविवार रात को चप्पल फेंकी गई। रविवार को ही जन आशीर्वाद यात्रा के दौरान उनके ऊपर पत्थर फेंके गए थे और काले झंडे दिखाए गए थे। चप्पल फेंकने वाले एससी/एसटी अत्याचार एक्ट का विरोध कर रहे थे। यह घटना मध्य प्रदेश के सीधी जिले की है। सीएम शिवराज सिंह चौहान पूरे प्रदेश में जन आशीर्वाद यात्रा कर रहे हैं।


अपनी इस रथ यात्रा के साथ मुख्यमंत्री शिवराज रविवार को सीधी जिले के चुरहट पहुंचे थे। वहां पहुंचते उनका जमकर विरोध हुआ। लोगों ने मुख्यमंत्री के खिलाफ नारे लगाए थे। उन्हें काले झंडे दिखाए थे। इस मामले में आठ लोगों को गिरफ्तार किया गया है। जिनमे कांग्रेस के कई कार्यकर्ता बताये जा रहे हैं। इतना ही नहीं यात्रा रथ पर पथराव भी किया था। पथराव से रथ के शीशे भी टूटे गए।

चप्पल फेकने वाला भाजपा का ही कार्यकर्ता?
मध्यप्रदेश के सिंगरौली में जन आशीर्वाद यात्रा की सभा में मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान के ऊपर चप्पल फेंकी गई है। हालांकि चप्पल उनके साथ खड़े सुरक्षाकर्मी को लगी। तुरंत ही सुरक्षाकर्मियों ने सीएम के आसपास सुरक्षा घेरा बना लिया। इस घटना में किसी को कोई चोट नहीं आई।

मध्यप्रदेश के सीधी जिले में रविवार रात को मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान के जनआशीर्वाद यात्रा के रथ पर पथराव हो गया। इस घटना में रथ के कांच फूट गए, लेकिन किसी के हताहत होने के समाचार नहीं है। इसके बाद सोमवार को जब यह रथ सिंगरौली पहुंचा तो वहां आयोजित सभा में किसी ने सीएम पर चप्पल फेंक दी। इसके बाद वहां हंगामा मच गया। चप्पल फेंकने वाले लोग अपने गले में केसरिया पट्टी लगाए हुए थे। वे नारे लगा रहे थे कि शिवराज सिंह वापस जाओ। st/sc एक्ट के विरोध कर रहे थे।

प्राप्त जानकारी के अनुसार चप्पल मारने वाला भाजपा का ही कार्यकर्ता बताया जा रहा है। sc/st एक्ट और आरक्षण का विरोध कर रहा था उसे और उसके एक साथी को गिरफ्तार कर लिया गया है। पूरी घटना का वीडियो भी सोशल मीडिया पर वायरल हो गया।

कांग्रेस हमारे खून की प्यासी है -शिवराज सिंह
इस हमले के बाद सीएम शिवराज सिंह चौहान ने कहा, कांग्रेस मेरे खून की प्यासी हो गई है। एमपी की राजनीति में ये कभी नहीं हुआ। विचारों का संघर्ष चलता था। अलग-अलग पार्टियां अपने-अपने कार्यक्रम करती थीं। लेकिन कभी ये नहीं हुआ।

उन्होंने कहा, मैं सोनियां गांधी, राहुल गांधी और कांग्रेस के प्रदेश अध्यक्ष कमलनाथ से पूछना चाहता हूं। वे कांग्रेस को किस रास्ते पर ले जाना चाहते हैं। अनके नेता और कार्यकर्ता जो कर रहे हैं, क्या यह सही है?

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