October 5, 2022

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नालंदा परिसर की ई-लाइब्रेरी में युवा कर सकेंगे ऑनलाईन पढ़ाई , कलेक्टर श्री ओ.पी.चौधरी परिसर पहुंचकर कार्यो का जायजा लिया और सभी कार्य शीघ्र पूर्ण करने के निर्देश

रायपुर, (सुयश ग्राम) जी.ई.रोड में एनआईटी के पास 6 एकड़ में वर्ल्ड क्लास सुविधाओं से निर्मित इस शैक्षणिक परिसर में युवाओं के लिए इंडोर और आउटडोर रीडिंग के साथ ही ई-लाइब्रेरी की भी व्यवस्था की गई है। नालंदा परिसर में निर्मित जी प्लस टू यूथ टॉवर के द्वितीय माले में ई-लाईब्रेरी बनायी जा रही है। जिसमें सेवन जनरेशन के 125 अत्याधुनिक कम्प्यूटर रखे जा रहे है। इन कम्प्यूटरों में इंटरनेट के सुचारू संचालन के लिए चिप्स के माध्यम से 100 एमबीपीएस की स्पीड की लीज लाईन भी बिछाई गई है। सभी कम्प्यूटरों में हेडफोन भी उपलब्ध कराया जा रहा है ताकि युवा यू-ट्यूब वीडियो सहित अन्य ऑनलाईन कोचिंग संस्थानों की अध्ययन सामग्री का ऑनलाईन लाभ उठा सकें। कलेक्टर श्री ओ.पी.चौधरी ने नालंदा परिसर पहुंचकर अंतिम चरण के चल रहे कार्यो का जायजा लिया और सभी कार्य शीघ्र पूर्ण करने के निर्देश संबंधित अधिकारियों को दिए। इस माह के अंत तक यह परिसर पूरी तरह बनकर तैयार हो जाएगा।


गौरतलब है कि राजधानी रायपुर सहित प्रदेश के युवाओं को संघ और राज्य लोक सेवा आयोग सहित विभिन्न प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी के लिए उपयुक्त वातावरण और संसाधन मुहैया कराने राजधानी रायपुर में एनआईटी के पास वर्ल्ड क्लास सुविधाओं से युक्त ’नालंदा परिसर: ऑक्सी रीडिंग जोन’ का निर्माण किया जा रहा है। छह एकड़ में जिला खनिज न्यास निधि से 15 करोड़ की लागत से इसका निर्माण किया जा रहा है, जो अब पूर्णता की ओर है। यह 24 घण्टे और सातो दिन संचालित होने वाला देश का अपने आप में एक अनूठा संस्थान होगा। इसमें युवाओं को आरएफ आई कार्ड से प्रवेश मिल सकेगा।
यहां बनाए गए इंडोर टॉवर और आउटडोर रीडिंग परिसर में युवा 24 घण्टे पढ़ाई और ई-लाइब्रेरी में कम्प्यूटर और वाई-फाई का सुचारू रूप से उपयोग कर सकें इसके लिए पूरे परिसर में 24 घण्टे बिना किसी रूकावट के विद्युत आपूर्ति के विशेष इंतजाम किए गए है। नालंदा कैम्पस में युवाओं के इंडोर अध्ययन के लिए जी प्लस टू टॉवर बनाया गया है जिसे ’यूथ टॉवर’ नाम दिया गया है। इस टॉवर के भूतल में पुस्तकालय रहेगा, जिसके लिए डेढ़ करोड़ रूपए की लागत से 50 हजार पुस्तकों की खरीदी की गई है। पूरी तरह से वातानुकुलित इस टॉवर के भूतल, प्रथम व द्वितीय तल के साथ ही इसके छत में अध्ययन के लिए आकर्षक फर्नीचर और एलईडी लाइट की व्यवस्था की गई है। इस टॉवर की छत और कांच की दीवाल पूरी तरह से उष्मारोधी है। यहां ई-लाईब्रेरी में 125 हाइटेक कम्प्यूटर लगाए गए है, जिसमें इंटरनेट के लिए 100 एमबीपीएस स्पीड की लीजलाईन बिछायी गई है। इसी तरह नालंदा परिसर में आउटडोर अध्ययन के लिए बनाए गए कैम्पस को बायो डायवर्सिटी युक्त गार्डन के रूप में विकसित किया गया है।

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