November 28, 2022

Suyashgram.com

मासिक पत्रिका एवं वेब न्यूज़ पोर्टल

नितिन सिंघवी की याचिका में हाइकोर्ट ने सरकार को दिया झटका, अचानकमार टाईगर रिजर्व में बन रहे प्रधानमंत्री आवास योजना के 621 में से 355 मकान नहीं बनेंगे

रायपुर/बिलासपुर, छत्तीसगढ़ हाईकोर्ट के आदेश ने छत्तीसगढ़ सरकार की कार्यवाही पर बड़ा प्रश्न चिन्ह खड़ा कर दिया है। अचानकमार टाईगर रिजर्व के कोर क्षेत्र में प्रधानमंत्री आवास योजना ग्रामीण के तहत बनाये जा रहे 621 मकानों के मामले मे सोमवार को छत्तीसगढ़ उच्च न्यायालय के समक्ष शासन द्वारा पक्ष रखा गया कि 621 में से 266 मकानों का कार्य चालू कर दिया गया है।

छत्तीसगढ़ हाई कोर्ट के मुख्य न्यायधीश अजय कुमार त्रिपाठी तथा न्यायमूर्ति पी.पी.साहू की युगलपीठ ने आदेशित किया कि 621 में से 266 मकानों को छोड़कर कोई और निर्माण नहीं किया जावेगा। जिन 266 मकानों का निर्माण किया जा रहा है, उनका निर्माण एैसी सामग्रियों से किया जावेगा जिससे हितग्राहियों को अचानकमार टाईगर रिजर्व से दूसरे स्थान पर पुनर्विस्थापित किये जाने पर उस निर्माण सामग्री का पुनः मकान बनाने में उपयोग हो सके। कोर्ट ने स्पष्ट रूप से आदेशित किया कि इस आदेश से उन 266 हितग्राहियों को किसी प्रकार का अन्य अधिकार नहीं मिलेगा तथा जब भी पुनर्विस्थापित करने हेतु कहा जावेगा तब वे पुनर्विस्थापित हो जायेंगे। कोर्ट ने स्पष्ट किया कि यह आदेश अचानकमार टाईगर रिजर्व में बन रहे प्रधानमंत्री आवास योजना ग्रामीण के मकानों के लिये है इस आदेश के तहत अन्य किसी भी कोर ऐरिया में निर्माण नहीं होगा।

कोर्ट ने अचानकमार टाइगर रिजर्व से विस्थापन की कार्यवाही शीघ्र चालू करवाने हेतु भी आदेशित किया

गौरतलब है कि बाघों के संरक्षण हेतु दायर जनहित याचिका में याचिकाकर्ता रायपुर निवासी नितिन सिंघवी ने अंतरिम आवेदन देकर कोर्ट को बताया था कि वर्ष 2009 में अचानकमार टाईगर रिवर्ज को टाईगर रिजर्व घोषित करने उपरांत वहां से 25 गांवों को विस्थापित किया जाना था इनमें से 6 गांवों का विस्थापन हो चुका है शेष 19 गांवों का विस्थापन किया जाना बाकी है और उन्हीं 19 गांवों में मुंगेली जिला पंचायत द्वारा प्रधानमंत्री आवास योजना ग्रामीण के तहत 621 पक्के मकान बनाये जा रहे है।

जब गांव विस्थापित करना ही था तो वही मकान निर्माण क्यों?

उच्च न्यायालय का आदेश आने के बाद एक बात साफ होती है कि ये बड़ी प्रशासनिक लापरवाही गैरजिम्मेदाराना कार्य किया जा रहा था। जिन गांवों को पहले से विस्थापित करने का सरकार निर्णय ले चुका है वही पैसे की फिजूलखर्ची कर आवास निर्माण क्यों किये जा रहे थे?

Spread the love

You may have missed