July 5, 2022

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प्रशासन तंत्र पूरी तरह निष्क्रिय, सरकार बदलने आदिवासी विकास परिषद 2 अक्टूबर से निकलेगा सत्ता परिवर्तन यात्रा- के आर शाह

बालोद। डिलेश्वर देवांगन। छत्तीसगढ़ का प्रशासन तंत्र अब पूरी तरह फेल हो चुका है। 14 साल में भाजपा की सरकार ने किसी प्रकार का विकास कार्य नहीं किया है और अब विकास यात्रा निकाल रही है। निजी अस्पतालों को सरकार लाभ पहुंचाने का कार्य कर रही है और शासकीय अस्पतालों में स्वास्थ्य सुविधा के लिए आज लोग तरस रहे हैं उक्त बाते बुधवार को बुढ़ादेव शक्तिपीठ में आयोजित पत्रकार वार्ता में छ.ग. आदिवासी विकास परिषाद के प्रदेशाध्यक्ष के.आर. शाह ने कही। उन्होंने कहा कि भाजपा शासन में आदिवासियों का नरसंहार चरम पर है। आने वाले 2 अक्टूबर को गांधी जयंती के दिन पूरे प्रदेश में सत्ता परिवर्तन संदेश यात्रा का शुभारंभ किया जायेगा और लोगों को सत्ता परिवर्तन के लिए प्रेरित किया जायेगा।

श्री शाह से पत्रकार वार्ता के दौरान कहा कि प्रदेश भर में खूबसूरत शहर भिलाई है जहां स्वास्थ्य के क्षेत्र में सुविधा के लिए सेक्टर 9 अस्पताल है और यहां ही लगातार 35 दिनों में 37 लोगों की मृत्यु डेंगु के कारण हुई है और ऐसे स्थान में इतनी बड़ी संख्या में लोगों की मृत्यु हो रही है इसका मतलब यह है कि प्रशासन तंत्र पूरी तरह फेल हो चुका है। लगातार डेंगु से मृत्यु होने की जानकारी के बावजूद 33 दिनों बाद प्रदेश के स्वास्थ्य मंत्री अजय चंद्राकर ने भिलाई जाकर दौरा तो किया लेकिन केवल निजी अस्पतालों का। इससे लगता है कि सरकार अब निजी अस्पतालों को लाभ पहुंचाने का काम कर रही है और निजी अस्पतालों को सरकार अब पाल-पोस रही है। शाह ने कहा कि नक्सली इलाकों में लगभग 5 हजार लोगों के लिए 30 हजार पुलिस फोर्स लगाये गये हंै सरकार की मंशा है कि उस क्षेत्र के लोगों की जमीन खाली कराना और मित्तर, वेदांता, अडानी व अंबानी जैसे लोगों को जमीन देना।

आदिवासियों को बेवकुफ बना रही सरकार

श्री शाह ने कहा कि सरकार आदिवासियों को लगातार बेवकुफ बना रही है। 2003 में भाजपा की सरकार आई और 2004 में सलवा जुडुम अभियान चलाया गया जिसमें 52 हजार लोगों को शिविर में रखा गया था लेकिन अब 2018 सत्र शुरू हो गया है लेकिन सरकार अब तक इन 52 हजार लोगों के लिए व्यवस्थापन नहीं कर पाई है तो कहां से विकास हुआ। उन्होंने कहा कि स्वास्थ्य, शिक्षा सहित मुलभूत सुविधा का विकास होना ही मुख्य विकास है न कि सड़कों और राजधानी का।

सरकारी संरक्षण में अमानवीय कृत्यों को दिया जा रहा अंजाम

शाह ने आगे कहा कि छग में आदिवासियों के बढ़तेे नरसंहार, भय, शोषण, उत्पीड़न, अत्याचार व बलात्कार की घटनाओं को भारतीय जनता पार्टी की सरकार रोकने में ना सिर्फ असफल हुई है बल्कि नक्सलवाद उन्मूूलन के नाम पर सरकारी संरक्षण में अमानवीय कृत्यों को बड़े पैमाने पर अंजाम दिया जा रहा है। बस्तर में फर्जी मुठभेंड़ों के द्वारा बेगुनाह आदिवासयिों की हत्याओं का राष्ट्रीय रिकार्ड रमन सिंह सरकार के नाम पर दर्ज हो चुका है। भाजपा सरकार की आदिवासी समाज विरोधी गतिविधियों व संवैधानिक अधिकारांे के हनन के खिलाफ छग आदिवासी विकास परिषद ने प्रदेश कार्यसमिति सत्ता परिवर्तन अभियान प्रारंभ करने का निर्णय लिया है।

15 साल में आदिवासियों ने क्या खोया

सरकार पर आरोप लगाते हुए श्री शाह ने कहा कि सत्ता परिवर्तन संदेश यात्रा के माध्यम से आदिवासी समाज को बताया जायेगा कि इन 15 वर्षों में आदिवासियों ने क्या-क्या खोया। शाह ने कहा कि छग में कांग्रेस की सरकार बनाने के लिए आदिवासी विकास परिषद बाहर से सिर्फ समर्थन ही नहीं बल्कि पूरे राज्य साहित्य व प्रदर्शनी के माध्यम से जनजागरण अभियान चलायेगी। उन्होंने कहा कि छग सरकार पगला गई है। सत्ता में बने रहने के लिए छत्तीसगढ़ियायें के खून पसीने की कमाई को मोबाईल में लुटा रही है। 2 अरब रूपये मोबाईल में खर्च करने के बजाय अगर प्रत्येक जिले के शासकीय चिकित्सालयों में करती तो आज हर जिले में सेक्टर 9 जैसा अस्पताल होता।

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