December 2, 2022

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बताकर लाये थे कुनकी बना दिया सर्कस का हाथी, जंगली हाथियों को नियंत्रित करने में इनका उपयोग क्यों नही हो रहा

रायपुर। छत्तीसगढ़ वन विभाग ने बड़े जोश और शोर के साथ 5 केम्प हाथी कर्नाटक से फरवरी 2018 में इस दावे के साथ लाये थे कि ये पांच हाथी तीरथराम, दुर्योधन, गंगा, युगलक्ष्मी और परशुराम में से कोई वन हाथियों को बन्धक बनाकर ट्रक में चढ़ाता है, कोई वन हाथियों को डराता है, कोई सहयोग करता है। बाद में पता चला कि वन विभाग ने कर्नाटक से कुनकी हाथी मांगे ही नहीं थे बल्कि एैसे केम्प हाथी मांगे थे जिन्हें ट्रेनिंग देकर कुनकी बनाया जा सके। कर्नाटक से आने के बाद इन पांचों हाथी कारावास महासमुंद जिले के सिरपुर के पास हाथी कैंप मैं हैं

ये पांच हाथी आने के बाद भी छत्तीसगढ़ में जंगली हाथियों और मानव के बीच कई घटनाएं हुई, लेकिन कही भी इन हाथियों का उपयोग नही हो पाया। जो मूल उद्देश्य था वो कही और रह गया।

सवाल यह आज भी खड़ा हुआ है कि अगर ये कुनकी हाथी है और इन्हें हाथियों को पकड़ने या नियंत्रित करने या भागने के लिए लाया गया है तो इनका उपयोग क्यों नही हो रहा है?

जिस उम्र, स्वभाव के केम्प हाथी लाये गये उन्हें कुनकी नहीं बनाया जा सका बल्कि उन्हें सर्कस हाथी जरूर बना दिया (पूरा देखें तीरथराम का वीड़ियों देखें कैसे कान पर लोहे का नुकीला अंकुश लगाकर दर्द दिया जाता है)।

वीडियो में महावत तीरथराम को आगे का एक पांव उठाकर बैठने को कहता है तीरथराम वह करता है, सूड उठाने को कहता है वह उठा लेता है, पीछे का पांव उठाने के लिये कहता है तो वह भी कर लेता है, बैठने को कहता है, तो बैठ भी जाता है ठीक वैसे ही जैसे सर्कस में हाथियों से कराया जाता है। परंतु इस सब के लिये महावत को वह अत्याचार करना पड़ता है जो कि प्रतिबंधित है, जी हां अंकुश का प्रयोग। वीड़ियों के अन्त में गौर से देखें महावत, तीरथराम के कान के नाजुक भाग पर लोहे के नुकीले अंकुश का दबाव देता है……..दर्द न हो इसलिये तीरथराम तुरंत बैठ जाता है। छोटी की हुई मोटी-मोटी चेन से सभी हाथियों को इस प्रकार बांधा जाता है कि एक कदम में वो कुछ इंच ही चल पाये। जो भी हो, भले ही किया जा रहा अत्याचार और दिया जा रहा प्रशिक्षण “जीव-जन्तुओं के प्रति क्रूरता का निवारण अधिनियम 1960” के तहत दन्डनीय अपराध हो परंतु एक बात की बधाई तो वन विभाग को देना पडे़गा कि कम से कम एक सौगात तो दी “नहीं मामा से काना मामा अच्छा”…………कुनकी नही तो सर्कस हाथी सही।

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