July 5, 2022

Suyashgram.com

मासिक पत्रिका एवं वेब न्यूज़ पोर्टल

भारत आयुष्मान योजना में छत्तीसगढ़ अव्वल, पूरे देश में हुए लाभान्वित में 20% लाभार्थी छत्तीसगढ़ से

रायपुर/दिल्ली। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की महत्वाकांछी प्रोजेक्ट “आयुष्मान भारत-प्रधानमंत्री जन आरोग्य योजना” में लाभार्थियों की संख्या में छत्तीसगढ़ सबसे आगे है। प्राप्त जानकारी के अनुसार पूरे देश मे लगभग 50 हजार जरूरतमंदों ने इस योजना के तहत स्वास्थ्य बीमा का लाभ लिया है। जिसमें से छत्तीसगढ़ से लगभग 10 हजार लोग अभी तक इस योजना का लाभ ले चुके हैं।

छत्तीसगढ़ में रेलिगेयर हेल्थ इन्शुरन्स को आयुष्मान भारत योजना का कार्य मिला है। कंपनी ने सबसे तेज और पूरे प्रदेश में काम शुरू कर दिया है। कंपनी के प्रोजेक्ट हेड सिद्धार्थ कंसल ने बताया अब तक छत्तीसगढ़ में 9,958 लोगों का बीमा क्लेम कंपनी मंजूर कर चुकी है। जो देश भर में अन्य राज्यों से सबसे अधिक है।

छत्तीसगढ़ शासन में योजना के मुख्य कार्यपालन अधिकारी श्री आर. प्रसन्ना ने कहा कि राज्य में मुख्यमंत्री स्वास्थ्य बीमा और राष्ट्रीय स्वास्थ्य बीमा में पहले भी बेहतर कार्य कर चुका है, इस योजना को भी त्वरित लागू कर जनता को लाभ देने का प्रयास किया जा रहा है।

बता दें कि छत्तीसगढ़ में निजी चिकित्सालय इस योजना में पैकेज और पुराने भुगतान को लेकर विरोध कर रहे हैं। उसके बाद भी देश भर में सबसे ज्यादा लाभ छत्तीसगढ़ के लोगों ने लिया है।

पैकेज को लेकर सिर्फ बड़े अस्पताल कर रहे विरोध
अस्पताल सूत्रों और कुछ डॉक्टरों से मिली जानकारी के मुताबिक़ पैकेज का विरोध सिर्फ बड़े कॉरपोरेट अस्पताल कर रहे हैं। जबकि छोटे अस्पताल निर्धारित पैकेज से भी कम में पहले से इलाज कर रहे हैं। इसलिए उन्हें आपत्ति नही है। फिर भी संगठन के तौर पर खुलकर नही बोल रहे हैं।

कई अस्पताल अनुबंध के लिए लगा रहे जुगाड़

प्राप्त जानकारी के अनुसार एक तरफ तो अस्पताल कम पैकेज को लेकर विरोध कर रहे है। वही इस योजना में कई अस्पताल अपने हॉस्पिटल को अनुबंधित कराने जुगाड़ लगा रहे हैं।

क्या है योजना

25 सितंबर से देशभर में प्रधानमंत्री जन आरोग्य योजना की शुरुआत हो गयी है। देशभर के गरीबों को मुफ्त इलाज का तोहफा मिल रहा है। योजना के तहत 10 लाख परिवार को मुफ्त इलाज की सौगात मिलेगी। एक परिवार को 5 लाख रुपये तक का स्वास्थ्य बीमा का लाभ मिलेगा।

Spread the love

You may have missed