December 2, 2022

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शहर में फैला डेंगू: दो मासूम समेत चार लोगों की मौत , 104 गंभीर, सभी अलग अलग निजी अस्पतालों में भर्ती ।

दुर्ग। रीतेश तिवारी (विशेष संवाददाता) प्रदेश में जहां रमन सरकार और अशिकारी मोबाइल बाटने में व्यस्त है, वही दुर्ग के भिलाई में 104 लोगो को डेंगू ने अपनी चपेट में ले लिया है और 300 से ज्यादा लोग संदिग्ध पाये गए हैं। डेंगू से पीड़ित लोगों की संख्या की पुष्टि जिला डेंगू प्रभारी एसके मंडल ने की है।

पिछले दस दिनों के अंदर डेंगू ने सबसे ज्यादा भिलाई के कई हिस्से में अपने पैर पसार लिया है। दुर्ग और भिलाई नगर निगम के अधिकारी सीएम की वर्तमान में सबसे महत्वपूर्ण योजना संचार क्रांति रमन मोबाइल बाटने में व्यस्त है तो वही लोग डेंगू जैसी बीमारी से मौत के मुह में समा रहे है। जिले के कलेक्टर भी संचार क्रांति को सफल बनाने में जुड़े हुए है, हालाँकि कलेक्टर उमेश कुमार अग्रवाल ने सभी निजी अस्पतालों के संचालकों को साफ साफ निर्देश दिए है कि डेंगू से पीड़ित या संभावित व्यक्ति का इलाज निशुल्क करे। लेकिन कलेक्टर का यह निर्देश जमीन पर उतरते नही दिख रहा है।

अधिकारियों की मीटिंग लेते दुर्ग कलेक्टर

स्वास्थ विभाग अभी भी सुस्त रवैये में अपनी चाल चल रहा है। जिले के मुख्य चिकित्सा स्वास्थ अधिकारी डॉ सुभाष पांडे सिर्फ विभागीय मीटिंग में व्यस्त है। उन्हें डेंगू से पीड़ित लोगों से कोई मतलब नही। फोन तक उठाने में असमर्थ है या यूं कहें किसी से बात भी करना उन्हें उचित नही लगता मंत्री के करीबी के चलते उनका रवैया भी अलग ही है। जिले में भिलाई जो कि एजुकेशन हब के नाम से देश भर में अपनी एक अलग पहचान बना चुका है वर्तमान में डेंगू शहर के नाम से प्रचलित हो गया है। भिलाई के सेक्टर 9 अस्पताल के डॉक्टरों ने हफ्ते भर पहले ही दर्जनों लोगों को डेंगू होने की पुष्टि की थी लेकिन सीएमएचओ डॉ सुभाष पांडे ने मनाने से इनकार कर दिया था नतीजा आज 104 लोग डेंगू से पीड़ित हो गए। जिले में आईआईटी मॉडल अस्पताल कई यूनिवर्सिटी और भी बहुत कुछ है लेकिन दुर्भाग्य तो देखिए यहां डेंगू के लक्षण जानने के लिए कोई पैथालाजी नही है जिसके चलते रायपुर से रिपोर्ट आने में जो वक्त लग रहा है उसी का नतीजा है कि इतनी बड़ी संख्या में डेंगू के मरीज भिलाई में बढ़ रहे है और चार लोगों की मौत भी हो गई। जरूरत है लोगो को जागरूक करने की जरूरत है त्वरित इलाज की जरूरत है जुम्मेदार बड़े अधिकारियो को संवेदनसीलता दिखाने की ऐसी कमरों में बैठ कर मीटिंग और निर्देश से कुछ नही होने वाला । स्वास्थ मंत्री और मंत्रालय में बैठे अधिकारियों को भी इस मामले को गंभीरता से लेने की जरूरत है। वरना वो दिन दूर नही जब पूरा शहर डेंगू से प्रभावित हो जाएगा और जिम्मेदार आश्वासन देते रहेंगे।

जानें क्या हैं डेंगू बुखार के लक्षण?

डेंगू वायरस जनित बीमारी है जो एडीज मच्छर के काटने से होता है। डेंगू का मच्छर गंदे पानी की बजाय साफ पानी में ही पनपता है। इसलिए घर के अंदर या घर के आसपास पानी ना जमने दें। बरसात में गमलों, कूलरों, टायर आदि में एकत्रित हुए पानी में यह मच्छर ज्यादा पाया जाता है।

डेंगू में बुखार बहुत तेज होता है और इसके साथ ही कमजोरी चक्कर भी आता रहता है। कुछ लोगों को चक्कर आने की वजह से बेहोशी छा जाती है। रोगी के मुंह का स्वाद बदल जाता है और उसे उल्टियां भी आती हैं। सिरदर्द, बदन दर्द और पीठ के दर्द की भी शिकायत होती है।

अगर आपको इनमें से कोई भी लक्षण दिखे तो तुरंत डॉक्टर को दिखाएं और प्लेटलेट्स काउंट चेक कराएं। समय पर किया गया इलाज आपको डेंगू से निजात दिला सकता है वरना लेने के देने पड़ जाएंगे।

डॉक्टरों के मुताबिक घर में इलाज करते हुए कुछ खास चीज़ों का ध्यान रखना चाहिए। अगर पानी पीने और कुछ भी खाने में दिक्कत हो और बार-बार उल्टी आए तो डीहाइड्रेशन का खतरा हो जाता है।

प्लेटलेट्स के कम होने या ब्लड प्रेशर के कम होने का भी खतरा बढ़ जाता है। अगर रोगी को खून आना शुरू हो जाए तो तुंरत अस्पताल जाना चाहिए।

क्या हैं डेंगू के प्रमुख लक्षणः
1. तेज बुखार।
2. शरीर पर लाल चकत्ता पड़ना।
3. सिर, हाथ-पैर और बदन में तेज दर्द।
4. भूख न लगना।
5. उल्टी-दस्त आदि की शिकायत होना।

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