December 2, 2022

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समय पर नही पहुच रही 108 एंबुलेंस मरीजों सहित परिजनों को काफी परेशानियों का सामना करना पड रहा है। 108 व 102 कर्मचारियों के हड़ताल पर जाने से चरमराई आपातकालीन व्यवस्था

बालोद। डिलेश्वर देवांनग। आपातकालीन सुविधा देने के लिए शासन की ओर से 108 एंबुलेंस व गर्भवती महिलाओं के लिए 102 महतारी एक्सप्रेस निशुल्क एंबुलेंस की सुविधा छग के प्रत्येक जिले में प्रदान कर दी गई है। लेकिन धरातल पर आज कई जरूरतमंद को सहीं समय पर सुविधा मुहैया नहीं हो पा रही है। जिसका ताजा उदाहरण जिले में उस वक्त देखने को मिला जब एक ढाई साल का बच्चा काफी बीमार था और घंटों तक लगातार 108 निशुल्क एंबुलेंस सेवा के लिए फोन करता रहा लेकिन जिम्मेदार कई प्रकार की बातें कहकर गुमराह करते रहे और अंत में निजी वाहन का सहारा लेने की बात कॉल सेंटर से परिजनों को कही गई।
108 व 102 के कर्मचारियों के हड़ताल पर जाने से बिगड़ी व्यवस्था

प्रदेश के 108 व 102 कर्मचारी अपनी विभिन्न मांगों को लेकर हड़ताल पर जा चुके थे लेकिन विगत दिनों आश्वासन के उपरांत हड़ताल खत्म भी हो चुका। लेकिन उनकी विभिन्न मांगों को लेकर उचित पहल नहीं होने के कारण हड़ताल खत्म करने के बाद भी अपने कार्य पर वापस नहीं लौटे हैं जिसका खामियाजा आज आम लोगों को भुगतना पड़ रहा है। कई जगहों पर होने वाली विभिन्न घटनाओं दुर्घटनाओं पर
जिले के गुण्डरदेही विकासखंड के ग्राम खपरी (लाटाबोड़) निवासी हिरसिंग डहरे ने बताया कि बुधवार को 12 बजे उसके ढाई वर्षीय पुत्र निखिल डहरे की तबियत अचानक खराब हो गई। देखते ही देखते बच्चे की हालत लगातार और बिगड़ती गई। इस बात की जानकारी बच्चे के पिता ने पास के एक युवक को दी।
इस तरह करते रहे गुमराह

युवक चन्द्रमणी जांगड़े ने बताया कि उन्हें बच्चे के तबियत खराब होने की जानकारी मिलते ही वह उनके घर पहुंचा और पहली बार 108 एंबुलेंस के लिए फोन किया तो जानकारी मिली कि ठीक है आप लाईन पर बने रहिये हम बालोद में संपर्क करते हैं, बालोद से हमारा संपर्क नहीं हो पा रहा है थोड़ा देर बाद संपर्क किजिये। दूसरी बार जवाब आया कि आप लाईन में बने रहें संपर्क करता हुं, दूसरी बार फिर बालोद से संपर्क नहीं हो पाया। तीसरी बार फोन करने पर बालोद से संपर्क हुआ, अभी बालोद में किसी केस में है, काम होने पर आयेंगे। चंद्रमणी ने इस बात पर कहा कि तबियत बहुत ज्यादा सिरियस है आप समय बता दिजिये उसके हिसाब से फोन करेंगे तो उनकी उनकी ओर से जवाब आया कि हम समय नहीं बता सकते। कुछ समय बाद फिर फोन किया तो चंद्रमणी ने कहा कि आप बालोद का गाड़ी आयेगा बोले लेकिन अब तक गाड़ी नहीं पहुंचा फिर उनकी ओर से जवाब आया कि गाड़ी खराब है। अगली बार फोन करने पर नजदीकी शासकीय चिकित्साल की जानकारी मांगी जहां 108 एम्बुलेंस की सुविधा उपलब्ध हो तो चन्द्रमणी ने बताया गुण्डरदेही, तो जवाब आया कि गाड़ी खराब है, इसी तरह अर्जुन्दा की गाड़ी खराब होने की भी जानकारी उन्हें दी और अंत में कॉल सेंटर से जवाब आया कि आप नीजि वाहन के सहारे मरीज को अस्पताल ले जाने की बात कही।
वहीं इस पूरे मामले में 108 व 102 के जिला संयोजक गिरीश राजपूत ने कहा कि हमारी ओर से सही समय पर सुविधा देने के लिए लगातार प्रयास किया जाता है हो सकता है गाड़ी कहीं व्यस्त रही हो जिसके कारण मरीज को एंबुलेंस सुविधा नहीं मिल पाई।

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