November 26, 2022

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100 बिस्तरों के जिला अस्पताल में दो माह से बंद पड़ा डेंटल चेयर, सीएमएचओ को नहीं बात की जानकारी

बालोद। डिलेश्वर देवांगन। बालोद जिले के एक मात्र 100 बिस्तरों का शासकीय अस्पताल में आज कई ऐसी सुविधाएं है जिसकी कमी आज भी मरीजों को खल रही है। 100 बिस्तरों वाला जिला अस्पताल आज महज एक दिखावा साबित हो रहा है। पहले से तो कई विशेषज्ञों की कमी है तो वहीं दूसरी ओर अब अस्पताल में दांत के मरीजों के ईलाज के लिए रखे डेंटल चेयर पिछले दो माह से बंद पड़े है और केवल देखने की शोभा रह गई है। दांत के ईजाल के लिए आशा लेकर आये मरीज इन दिनों जिला अस्पताल से निराश होकर लौट रहे हैं।

विगत महीने छत्तीसगढ़ के मुख्यमंत्री डॉ रमन सिंह बालोद जिला मुख्यालय पहुंचकर जिलेवासियों को सौगात के रूप में 100 बिस्तरों का बना जिला अस्पताल दिया था। तब जिलेवासी काफी हर्षित थे कि 100 बिस्तरों का का जिला अस्पताल बना है तो सुविधा भी काफी अच्छी होगी। लेकिन आज यहां सुविधाओं का आभाव है। जिला अस्पताल शुरू हुए लगभग 4 माह से अधिक हो चुके हैं लेकिन आज भी यहां आने वाले मरीजों डॉक्टरों व ईजाल के लिए उपयोग होने वाले उपकरणों की कमी खल रही है। 100 बिस्तरों का जिला अस्पताल जिस उद्देश्य के लिए बनाया गया था वह आज सार्थक होता नहीं दिख रहा है।

सुबह से देर शाम तक रहते हैं सैंकड़ो मरीज

सुबह 10 से देर शाम तक सैंकड़ों की संख्या में जिले के दूर दराज से लोग ईलाज करवाने आते है। उक्त अस्पताल में शरीर के अलग-अलग अंगों के लिए अलग अलग वार्डों का चयन तो कर दिया गया है लेकिन सुविधाएं उपलब्ध नहीं हो पायी है। एक ही डॉक्टर कई वार्डों की देखरेख करता है। वहीं अब दांत के ईलाज के लिए जो वार्ड सुरक्षित रखे गये थे वहां के डेंटल चेयर पिछले दो माह से बंद है। वहां मौजूद एक महिला कर्मचारी से इस बारे में चर्चा किया गया तो उन्होंने बताया कि मई से यह डेंटल चेयर खराब है। जिसके बारे में कई बार विभागीय अधिकारियों को और बायोमेडिकल इक्यूपमेंट मेन्टेनेन्स सर्विस को बताया जा चुका है लेकिन अब तक सुधार नहीं किया गया है। महिला कर्मचारी ने बताया कि बायोमेडिकल इक्यूपमेंट मेन्टेनेन्स सर्विस 24 घंटे सेवा देने वाली कंपनी है।

निराश होकर लौट रहे दांत के मरीज

उक्त वार्ड में इस कंपनी का बोर्ड भी लगा है जिसमें सप्ताह के सात दिन और दिन के चौबीसो घंटे सर्विस देने हेतु बोर्ड में दर्शाया गया है। लेकिन आज दिन के चौबीस घंटे और सप्ताह के 7 दिन सर्विस देने वाली कंपनी पिछले दो माह से एक मशीन को नहीं सुधार पाई है यह सोंचने का विषय बना हुआ है। जिले के दूर दराज से दांत के मरीज अच्छी इलाज की आशा लेकर जिला अस्पताल आते हैं लेकिन आज औपचारिक रूप से उन्हें केवल दवाई देकर अगले महीने आने की नसीहत देकर वहां के कर्मचारी वापस भेज देते है जिससे मरीज निराश होकर वापस लौट जाते है।

2 माह से बंद पड़ी मशीन की क्यों नही सीएमएचओ को जानकारी

इस पूरे मामले में सीएमएचओ व सिविल सर्जन एस.पी.केशरवानी से चर्चा की गई तो उन्होंने कहा कि ऐसी कोई बात नहीं है मशीन सहीं है। लेकिन स्वास्थ्य विभाग के जिम्मेदारों को जिला अस्पताल में क्या समस्या हो रही है, सुचारू रूप से संचालन हो रहा है या नहीं? इन सभी चीजों की ओर ध्यान नहीं रहता। तभी तो दो माह से बंद पड़े मशीन की जानकारी उन्हें नहीं है। जबकि महिला कर्मचारी ने मीडिया को बताया कि इस मामले में विभागीय अधिकारियों को अवगत करा चुके हैं। सीएमएचओ ने कहा कि अगर ऐसी बात है तो तत्काल जानकारी लेता हूँ।

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