July 1, 2022

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2009 शिक्षा कर्मी भर्ती को अनिल कुमार श्रीवास्तव ने घोटाला करार दिया

रायपुर। 2009-10 में व्यापमं द्वारा शिक्षाकर्मी पद के 22हजार पदों की नियुक्ति को खत्म कर आवेदकों के द्वारा जमा फार्म की राशि वापस करने की मांग को लेकर अनिल कुमार श्रीवास्तव ने आज प्रेसवार्ता लेकर शिक्षाकर्मी भर्ती को घोटाला करार देते हुए 10 लाख नौजवानों के साथ अन्याय बताया।

अनिल श्रीवास्तव ने प्रेसवार्ता में कहा कि 2009 की शिक्षाकर्मी भर्ती परीक्षा सरकार द्वारा सुनियोजित तरीके से अपना राजनीति साधने और भ्रष्टाचार के लिए आयोजित किया गया था जिसमें 10 लाख प्रतिभागी शामिल हुए थे जिनसे आवेदनों के लिए प्रति प्रतिभागी 450 रुपए शुल्क लिया गया था ये परीक्षा 29 नवंबर 2009 को सम्पन्न हुआ था। जिसमें विषयवार असंवैधानिक ढंग से विज्ञापन अनैतिक रूप से दिया गया था ये आरोप अनिल श्रीवास्तव ने लगाया और बताया कि आदिवासी वर्ग के नौजवानों को पदों की संख्या को जानबूझकर बढ़ाया गया और ऐसे विषय चुने गए संख्या बढ़ाने में जिसमें इन वर्गों के उम्मीदवार वर्ग 01 व वर्ग 02 में ना मिलने पर इन पदों को सरकार ने भ्रष्ट तरीके से बेच दिया और आदिवासियों के साथ सरकार के द्वारा सौदेबाजी का आरोप लगाया।उल्लेखनीय है कि शिक्षा कर्मी वर्ग एक व दो के लिए 8 हजार व वर्ग 3 के लिए 14 हजार पदों के लिए विज्ञापन जारी हुआ था जिसके लिए 10 लाख अभ्यर्थियों ने आवेदन कर व्यापमं परीक्षा में सम्मिलित हुए थे।

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