October 5, 2022

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CG : नई सरकार के बाद अफसरों में ट्रांसफर की बेचैनी

रायपुर। 15 साल से एक ही सरकार के रहने और फिर इस विधानसभा चुनाव में सरकार की अदला-बदली होने से सरकारी अधिकारियों के बीच तबादले की बेचैनी बढ़ गई है। लोक निर्माण, परिवहन विभाग से लेकर सिंचाई विभाग में माहौल गहमा-गहमी के बीच बीत रहा है। गुरुवार को नजारा देखने को मिला, जब विभागीय अफसर नए विधायकों की टोह लेते नजर आए, जबकि वॉट्सएप में चल रहे मैसेज के हिसाब से टोह लेने की कोशिश की।

दरअसल विभागों में पदस्थ कई अफसर हैं, जिनके खिलाफ चुनाव के पहले निर्वाचन आयोग में शिकायत हुई थी। शिकायत किसी और ने नहीं, बल्कि कांग्रेसियों ने की थी। अब जब कांग्रेस की सरकार बनी है, कई अधिकारियों के लिए परिस्थितियां बदलेंगी। चुनाव की प्रक्रिया प्रभावित करने को लेकर कांग्रेसियों ने मोर्चा खोला था, लेकिन विभाग में लंबा सफर तय करने के मुद्दे पर चिंतन करते हुए अफसर इधर से उधर किए जाएंगे।

बताया गया है पुलिस विभाग के भी कई अधिकारी शामिल हैं, जिन्हें लेकर कांग्रेसियों ने दूसरी जगह में तबादला करने पर जोर दिया था। कांग्रेस ने साफ कर दिया है कि चुनाव के पहले निर्वाचन आयोग को पत्र भी लिखे, लेकिन अब तक इन पत्रों में कोई कार्रवाई नहीं हुई। नई सरकार के गठन के बाद नए मंत्रियों की पदस्थापना होने के साथ ही लंबे समय से विभागों में पांव जमाकर रखने वाले अधिकारी छंटेंगे।

कसेगा कानून का फंदा

तबादला के साथ ही कांग्रेस ने साफ कर दिया है कि नियम विरुद्ध दबंगई दिखाने वाले अफसर नपेंगे। कानूनी तौर पर शिकंजा कसा जाएगा। 15 सालों के अंदर 10 से ज्यादा अधिकारियों पर आरोप लगे हैं। कुलपति, एएसपी, अभियंता से लेकर कई वरिष्ठ अफसर सूची में शामिल हैं।

बदलाव के बाद 65 वापस

11 दिसंबर को मतगणना के ठीक दूसरे दिन ही मंत्रालय से आदेश जारी कर 65 अधिकारी-कर्मचारियों की पदस्थापना मूल कार्य स्थल के लिए कर दी गई है। इसमें डिप्टी कलेक्टर से लेकर सहायक ग्रेड तीन और फिर आरक्षक शामिल हैं। नए मंत्री मंडल के गठन के बाद नए स्टाफ की नियुक्ति संबंधित बंगले में होंगी।

10 साल तक एक शहर में

लोक निर्माण विभाग के एक अधिकारी के पदोन्नति होने और फिर रायपुर जिले में पदस्थापना करने आदेश की शिकायत निर्वाचन आयोग से हुई है। बता दें कि लोक निर्माण विभाग से जुड़ी शिकायत में बताया गया है और भी कई अधिकारी हैं, जिन्हें बाहर से संरक्षण प्राप्त होने के बाद निवास होने वाले शहर के मुख्य स्थलों में ही तैनात कर दिया गया है।

गोपनीय दस्तावेज जलाए गए

अवंति विहार इलाके में गुरुवार को सरकारी विभागों के गोपनीय दस्तावेज जलाए जाने की खबरें सामने आई है। एक सीएसपी की निगरानी में पुलिस स्टाफ की मौजूदगी में विभागीय कर्मचारियों ने दस्तावेज नष्ट किए। हालांकि दस्तावेज किस विभाग का था यह पता नहीं चल सका, लेकिन राजस्व विभाग में हर साल बढ़ोतरी करने वाले विभागों के दस्तावेज जलाने की बात कही गर्ई। अधिकारिक तौर से कुछ भी नहीं बताया गया।

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