September 22, 2021

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वन विभाग बन गया ट्रांसफर उद्योग का केंद्र? 16 महीने में अधिकारियों के 210 ट्रांसफर…..ट्रांसफर के खिलाफ अब जन आंदोलन शुरू….जनता फिर पहुंची विधायक के द्वार, कहा हमारे खर्चे पर चलो मंत्री जी के पास… विधायक जनता के दबाव में ट्रांसफर रोकने मुख्यमंत्री से लगाई गुहार ….

“दाल में नमक चलता है साहब, नमक की दाल बनाएंगे तो स्वाद ख़राब होना ही है”

रायपुर/ केशकाल, 12 दिसंबर 2020 , वन विभाग के लिए एक ईमानदार अधिकारी धम्मशील गणवीर का ट्रांसफर गले की हड्डी बन गया है। डीएफओ का ट्रांसफर कही भी हो वह रहेगा अधिकारी ही लेकिन विभाग के करताधर्ता अधिकारियों की यह ट्रांसफर पोल खोल कर रख दिया है। अधिकारियों ने विभाग को ट्रांसफर उद्योग बना रखा है? या विभाग नहीं चला पा रहे है ? या विभाग में सही गलत अधिकारी की पहचान नहीं कर पा रहे हैं

16 महीने में अधिकारियों के 210 ट्रांसफर
एसजी न्यूज़ ने ट्रांसफर में मचे बवाल के बाद वन विभाग में पिछले कुछ महीनो में हुए ट्रांसफर के आदेश खगाले तो आँखे फटी रह गयी , 23 अगस्त 2019 से लेकर 08 दिसंबर २०२० के बीच अधिकारियों के 210 ट्रांसफर हुए हैं। ज्ञात हो कि यह ट्रांसफर की लिस्ट सिर्फ भारतीय प्रशासनिक अधिकारियों और राज्य प्रशासनिक अधिकारियों की है। इसमें रेंजर और उससे नीचे का कोई हिसाब नहीं है। कई अधिकारी एक पद में 6 महीने भी पूरा नहीं कर पा रहे है।

ट्रांसफर की ये लम्बी लिस्ट देखकर दो तरह के सवाल उठते है
पहला
: क्या जिम्मेदार अधिकारी विभाग नहीं सम्हाल पा रहे है ?
दूसरा: क्या किसी व्यक्तिगत लाभ के लिए इस तरह लगातार ट्रांसफर किया जा रहा है ?

विधायक संतराम के घर आज फिर पहुंची जनता, कहा मेरे खर्चे में मंत्री के पास चलो
ट्रांसफर मामले में केशकाल से कांग्रेस विधायक व बस्तर क्षेत्र आदिवासी विकास प्राधिकरण के उपाध्यक्ष संतराम नेताम ने मुख्यमंत्री को पत्र लिखकर वन वृत्त कांकेर के सीसीएफ एसएसडी बड़गैंया के कार्यों से नाखुश होकर उन्हें हटाने के लिए पत्र लिखा था, कुछ दिनों बाद केशकाल डीएफओ धम्मशील गणवीर को हटाकर उनकी जगह आर के चन्देले को स्थानांतरित करने के लिए भी मुख्यमंत्री को नोटशीट लिखा था। हालाँकि ट्रांसफर के बाद विधायक ने कहा डीएफओ धम्मशील गणवीर अच्छे अधिकारी हैं बाद में जनभावना और उनके कार्य को देखते हुए मंत्री जी को फ़ोन करके ट्रांसफर नहीं करने को कहा था। डीएफओ धम्मशील गणवीर का ट्रांसफर कैसे हो गया मुझे नहीं पता, मै पता करवाता हूँ।

लेकिन यह नोटशीट विधायक के लिए भी गले की हड्डी बनी हुई है अब उन्ही के क्षेत्र की जनता उनसे जबाब मांग रही है शुक्रवार को बड़ी संख्या में विधायक के घर लोग धरना देने पहुंचे थे विधायक के घर में नहीं मिलने से उनके सहायक को ज्ञापन सौपा था। लोगों को जैसे ही पता चला आज विधायक घर पर हैं वैसे ही बड़ी संख्या में लोग पुनः उनके घर पहुंच गए। विधायक ने कहा मंत्री के पास जायेंगे तो लोगों ने कहा चलो हम भी मंत्री के पास जायेगे। विधायक ने कल यानी रविवार को कुछ लोगों को लेकर वन मंत्री से मिलने जाने के लिए कहा है।

जनता के दवाब में आये विधायक: मुख्यमंत्री को पत्र लिखकर डीएफओ का ट्रांसफर रोकने स्थानांतरण आदेश को निरस्त किए जाने की अनुशंसा
जनता के दवाब में आकर क्षेत्रीय विधायक संतराम नेताम ने पुनः मुख्यमंत्री को नोटशीट लिखकर कहा ” श्री गणवीर धर्मशील (भा व से ) वन मंडलाधिकारी केशकाल, वन मंडल केशकाल जिला कोंडागांव का, वन मंडलाधिकारी दुर्ग वन मंडल जिला दुर्ग में स्थानांतरण कर पदस्थ किया गया है। क्षेत्रीय जनता उक्त अधिकारी को यथावत केशकाल में पदस्थ किए जाने एवं स्थांतरण आदेश को निरस्त करने दिनांक 11 एवं 12 /12 / 2020 को मेरे कार्यालय पहुंचकर निवेदन किया है। अतः क्षेत्रीय आम जनता के निवेदन पर श्री रणवीर धर्मशील वन मंडल अधिकारी केशकाल को यथावत केशकाल बन मंडल में पदस्थ करते हुए स्थानांतरण आदेश को निरस्त किए जाने अनुशंसा की जाती है। “

खबर यह भी: डीएफओ कार्यालय में नहीं घुसने देंगे नए अधिकारी को!!
एसजी न्यूज़ के प्रतिनिधि को नाम न बताने की शर्त पर एक व्यक्ति ने कहा अगर डीएफओ साहब (धम्मसील गणवीर) का ट्रांसफर नहीं रुकता तो अधिवासी पूरे क्षेत्र के गांव-गांव जायेंगे, हर घर से लोगों को बाहर आने अपील करेगे। हजारो आदिवासी डीएफओ कार्यालय को घेरकर रखेंगे किसी नए अधिकारी को घुसने नहीं देंगे।

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