September 22, 2021

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करोनाकाल मे खरीदी गई 2 दर्जन से भी अधिक चमचमाती ब्लैक scorpio……..कैम्पा मद वन विभाग में बना शक्ति प्रदर्शन का जरिया?? …..विभाग में अधिकारियों के सैकड़ों तबादले फिर भी कैम्पा के सीईओ भाजपा शासन से अब तक जमे है, विधानसभा में उठा मामला

रायपुर, 24-02-2021. आइये मुस्कुराइये आप छत्तीसगढ़ राज्य में है जहा 42 प्रतिशत वन क्षेत्र हैं। यह वन अधिकारीयों सुख सुविधा उपभोग के लिए चरागाह बन गया है। जब सरकारेन और जनता कोरोनाकाल मे आर्थिक परेशानियों से जूझ रही थी उस दौर में भी वन विभाग में कैम्पा के अधिकारियों ने 1 नही 2 नही 3 नही, 2 दर्जन से भी अधिक चमचमाती स्कार्पिओ खरीदा है। डीएफओ के बीच कैप्मा प्रमुख का यही से शक्ति प्रदर्शन शुरू हो जाता है कि सुख सुविधा वन प्रमुख नहीं कैम्पा प्रमुख उपलब्ध करा सकते है।

जब पूरा देश कोरोनाकाल से जूझ रहा था, लाखो लोगों की जाने जा रही थी, करोडो लोग बेरोजगार हो रहे थे। लोगो को अपने घर तक आने के लिये साधन नही मिल रहे थे । यहाँ तक की मुख्यमंत्री भूपेश बघेल ने कई विभागों के 30% तक के बजट की कटौतियों कर दी । तब छत्तीसगढ का वन अमला कैम्पा मद से सभी डीएफओ के लिये चमचमाती ब्लैक कलर की scorpio की खरीदी कर डाला।

अब मामला मीडिया मे आने से तूल पकड़ने लगा है..

सैकड़ों अधिकारियों के हुए ट्रांसफर लेकिन कैम्पा के सीईओ अंगद की तरह भाजपा शासन से अब तक जमे है. भले ही 15 सालो के अथक प्रयास से प्रदेश मे कॉंग्रेस की सरकार बन गई हो लेकिन कैम्पा जैसे विभाग मे अब भी भाजपा सरकार के खासमखास अफसर आईएफएस श्रीनिवास राव का बोलबाला है। राव 27 अगस्त 2018 से कैम्पा के सीईओ है। ये बात अलग है कई आईएफएस 1 माह मे 3-4 बार ट्रांसफर हुये। कही 2 माह तो कोई 6 माह मे बिदा कर दिये गए । लेकिन अरण्य भवन मे श्रीनिवास राव एक ऐसे अफसर हैं। जो भाजपा सरकार के अति करीबी बताये जाते हैं यह पूरा वन महकमा जानता है। आज कांग्रेसी कार्यकर्ता भी यह मानने लगे हैं की भले ही सरकार कांग्रेस की हो पर बडे मलाईदार पदो मे भाजपा के चाहते अधिकारियों का ही बोलबाला है।

विधानसभा में उठा मुद्दा, कैम्पा मद में मिले वन विभाग को 5791.70 करोड –

छत्तीसगढ़ विधनसभा के दूसरे दिन पूर्व मंत्री बृजमोहन अग्रवाल के सवाल मे दी गई जानकारी मे बताया गया 2019-20 मे केद्र सरकार ने छत्तीसगढ़ राज्य को 5791.70 करोड रुपए की एकमुश्त राशि दिया था। कुछ साल पहले 100 करोड रुपए खर्च ना कर पाने वाला कैम्पा 2019 मे तरीबन 1800 करोड रुपए तथा 2020 मे 1500 करोड रुपए खर्च कर डाला ।।

कमीशन के खेल ने बनाया कैम्पा के सीईओ को पीसीसीएफ से भी सशक्त ???
वन विभाग इस समय कमीशन के खेल में सबसे ज्यादा बदनाम है। विभाग के ही कर्मचारी प्रदेश वन प्रमुख को भी कमीशन की शिकायत कर चुके है। 18 प्रतिशत से अधिक कमीशन लेने का पत्र पहले ही वायरल और मीडिया में छप चुका है। जिसमे सीधे ऊपर के अधिकारी को 3 प्रतिशत कमीशन की बात कही गयी थी। अगर उस पत्र को सही मान लिया जाये तो कैम्पा सम्हालने वालों के पास 171 करोड़ की रिस्वत जायेगी (571 करोड़ का 3 प्रतिशत) अभी तक अगर 1800 करोड़ खर्च हुए तो 54 करोड़ रिश्वत जा चुकी होगी। यदि विभाग के अधिकारियों कर्मचारियों की शिकायत सही मान लिया जाये तो इतने मालदार जगह को कौन छोड़ेगा?

मुख्यमंत्री भूपेश बघेल ने छत्तीसगढ़िया सरल स्वाभाव के राकेश चतुर्वेदी को पीसीएफ तो बना दिया लेकिन अधिकारियों के बीच विभाग में कैम्पा सीईओ ही पावर सेंटर बने हुए है। कहते है जहा शहद होती है मक्खी वही बैठती है। अब किसी वन मंडल के अधिकारी को वजट चाहिए तो कैम्पा में जाना ही पड़ता है। यहाँ तक खबर है कि एक एपीसीसीएफ रैंक के अधिकारी को कैम्पा गैंग ने एक ही दिन में हटवा दिया और पीसीसीएफ को ट्रांसफर होने के बाद पता चला।

ये कैम्पा की शहद ही है अब माननियों की नजर कैम्पा में

छत्तीसगढ़ विधानसभा में वृजमोहन अग्रवाल जैसे दिग्गज नेता द्वारा कैंपा मद पर सवाल पूछना कोई सामान्य बात नहीं है. पक्ष हो या विपक्ष सभी को पता है शहद कहा टपक रहा है और वार कहा करना है।

क्या है कैम्पा मद?
वन (संरक्षण) अधिनियम 1980 के अंतर्गत वन भूमि को गैर वन भूमि उपयोग पर देने की भारत सरकार की अनुमति में अन्‍य शर्तों के अतिरिक्‍त मुख्‍य रूप से दो शर्तें निहित रहती हैं :-

1. आवेदक से व्‍यपवर्तन हेतु स्‍वीकृति भूमि के समतुल्‍य गैर वन भूमि अथवा दुगने वन क्षेत्र पर वैकल्पिक वृक्षारोपण किया जाना।
2. भारत सरकार द्वारा निर्धारित दर पर नेट प्रेजेंट वैल्‍यू एवं वन्‍यप्राणी की राशि जमा करना।

इन दो शर्तों के अधीन विभिन्‍न प्रकरणों में जो धन राशि राज्‍य सरकार के पास जमा होती थी तथा उसका उपयोग इन शर्तों की पूर्ति हेतु किया जाता था। इस धनराशि के उपयोग हेतु भारत सरकार द्वारा अधिसूचना दिनांक 23.04.2004 द्वारा कैम्‍पा (Compensatory Afforestation Management & Planning Authority) का गठन किया गया है। इस व्‍यवस्‍था अंतर्गत व्‍यपवर्तन की स्‍वीकृति योग्‍य परियोजनाओं में प्राप्‍त होने वाली समस्‍त राशि भारत सरकार द्वारा संचालित कैम्‍पा खाते में जमा कराई जाती हैं तथा राज्‍य शासन के वार्षिक कार्य आयोजना (ए.पी.ओ.) के अनुसारा राशि भारत सरकार से प्राप्‍त करके विभिन्‍न योजनाओं में क्रियान्वित की जाती है।

इस मद का मुख्य उद्देश्य वनो को पुनः स्थापित करना है जो उद्योंगो को दी गयी या उनके कारन वन को नुक्सान हुआ लेकिन वन विभाग के अधिकारी अपनी ऐय्यासी का सामन खरीद रहे हैं, रोड बना रहे है।

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