October 16, 2021

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बड़े अधिकारी के नाम के सामने “श्री” नहीं लगाना पड़ा भारी ……”श्री” सम्बोधन नहीं लिखने वाले IFS अधिकारी के खिलाफ अनुशासनात्मक कार्यवाही के लिए नोटिस हुआ जारी…..

रायपुर, 22 सितंबर 21, यह सर्वविदित है कि छत्तीसगढ़ वन विभाग बर्बादी के कगार पर पहुंच गया है. कारण है जूनियर द्वारा सीनियर की कद्र नहीं किया जाना, यहां तक कि कागजों में भी. इस कारण से पंकज राजपूत वनमंडल अधिकारी महासमुंद के विरुद्ध अनुशासनात्मक कार्यवाही की अनुशंसा का नोटिस जारी किया गया है.

क्या है मामला दरअसल?

एक अपील प्रकरण में पंकज राजपूत वनमंडल अधिकारी महासमुंद ने प्रधान मुख्य वन संरक्षक को राकेश कुमार चतुर्वेदी संबोधित किए जाने को सूचना आयुक्त ए.के. अग्रवाल ने गंभीरता से लेते हुए आदेश में लिखा है कि “श्री पंकज राजपूत ने राकेश कुमार चतुर्वेदी के नाम के सामने श्री लगाना भी उचित नहीं समझा श्री पंकज राजपूत की भाषा संयमित शिष्टाचार के विरुद्ध पाई गई. उनके द्वारा अपील के जवाब में प्रस्तुत भाषा उचित प्रतीत नहीं होती.” आयोग ने पंकज राजपूत को नोटिस जारी किया है कि क्यों न उनके विरुद्ध अनुशासनात्मक कार्यवाही की अनुशंसा हेतु लिखा जावे?

वन्यजीव प्रेमियों के लिए भी संयमित भाषा का उपयोग नहीं

एक अन्य प्रकरण में सूचना आयोग में पंकज राजपूत को सचेत किया है कि वे प्रथम एवं द्वितीय अपील में संयमित भाषा का उपयोग करें और उस आदेश की प्रति प्रधान मुख्य वन संरक्षक को उनके संज्ञान में लाने को लेकर भेजी है.

एक समय जूनियर या अधीनस्थ द्वारा सीनियर की कद्र करने के मामले में वन विभाग का उदाहरण दिया जाता था परंतु अब सब कुछ बिगड़ गया है जूनियर सीनियर की कद्र ही नहीं करते आखिर सीनियर बेकार क्या सकता है? विभाग की बर्बादी के कगार में पहुंचने का एक कारण यह भी है.

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