September 21, 2021

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जानिए किनको है जानलेवा बीमारी ‘ब्लैक फंगस’ का खतरा सबसे ज्यादा, डॉक्टरों की स्टडी ने किया खुलासा,

नई दिल्ली, 22 मई 2021, पुरुषों और डायबिटीज मरीजों को ‘ब्लैक फंगस’ का खतरा सबसे ज्यादा है डॉक्टरों की एक स्टडी में खुलासा हुआ है। चार भारतीयों द्वारा जल्द ही प्रकाशित होने वाले एक अध्ययन के अनुसार, पुरुषों में म्यूकोर्मिकोसिस से संक्रमित होने की संभावना अधिक होती है। डाक्टरों ने अपनी इस स्टडी का नाम ‘COVID-19 में म्यूकोर्मिकोसिस: दुनिया भर में और भारत में रिपोर्ट किए गए मामलों की एक व्यवस्थित समीक्षा’ दिया है।

डॉक्टरों ने एक दुर्लभ लेकिन गंभीर फंगल संक्रमण, म्यूकोर्मिकोसिस से संक्रमित कोरोना रोगियों के 101 मामलों का विश्लेषण किया। इसमें पाया गया कि संक्रमितों में 79 पुरुष थे। डायबिटीज को सबसे महत्वपूर्ण जोखिम कारक के रूप में पाया गया। जिसमें 101 में से 83 डायबिटीज से पीड़ित थे।

किन डॉक्टरों ने किया अध्ययन
कोलकाता में जीडी अस्पताल और डायबिटीज संस्थान से डॉ अवधेश कुमार सिंह और डॉ रितु सिंह, मुंबई में लीलावती अस्पताल से डॉ शशांक जोशी और नई दिल्ली में राष्ट्रीय डायबिटीज, मोटापा और कोलेस्ट्रॉल फाउंडेशन से डॉ अनूप मिश्रा ने एक साथ 101 रोगियों का अध्ययन किया, जिसमें 82 भारत से थे, 9 अमेरिका से और तीन ईरान से।

अध्ययन में 101 में से 31 लोगों की मौत फंगल संक्रमण के कारण हुई। डेटा से पता चला है कि म्यूकोर्मिकोसिस विकसित करने वाले 101 व्यक्तियों में से 60 में सक्रिय कोविड -19 संक्रमण था और 41 ठीक हो गए थे। साथ ही, 101 में से 83 लोगों को डायबिटीज था, वहीं तीन को कैंसर था। कुल 76 रोगियों में एक इम्यूनोसप्रेसेन्ट के रूप में उपयोग किए जाने वाले कॉर्टिकोस्टेरॉइड का इतिहास था। 21 को रेमेडिसविर और चार टोसीलिज़ुमैब दिए किए गए थे।

डॉयबिटीज़ के कारण ब्लैक फंगस के मरीज सबसे ज्यादा भारत में
अध्ययन में यह भी पाया गया कि कम ऑक्सीजन (हाइपोक्सिया), उच्च ग्लूकोज, अम्लीय माध्यम और इम्यूनोसप्रेसेन्ट्स के उपयोग के कारण सफेद रक्त कोशिकाओं की गतिविधि में कमी के आदर्श वातावरण में कोविड -19 वाले लोगों में फगस म्यूकोरालेस बीजाणु फैल रहे हैं। इसमें कहा गया है कि जहां इस फंगल संक्रमण का वैश्विक प्रसार प्रति मिलियन जनसंख्या पर 0.005 से 1.7 है, वहीं भारत में डायबिटीज की आबादी अधिक होने के कारण यह 80 गुना अधिक है।

म्यूकोरमायकोसिस (Mucormycosis Black Fungus) यानी ब्लैक फंगस क्या है?
ब्लैक फंगस का मेडिकल नाम म्यूकॉरमायकोसिस है। जो कि एक दुर्लभ व खतरनाक फंगल संक्रमण है। ब्लैक फंगस इंफेक्शन वातावरण, मिट्टी जैसी जगहों में मौजूद म्यूकॉर्मिसेट्स नामक सूक्ष्मजीवों की चपेट में आने से होता है। इन सूक्ष्मजीवों के सांस द्वारा अंदर लेने या स्किन कॉन्टैक्ट में आने की आशंका होती है। यह संक्रमण अक्सर शरीर में साइनस, फेफड़े, त्वचा और दिमाग पर हमला करता है।

कोरोना और ब्लैक फंगस (Black Fungus and Coronavirus) में क्या है रिश्ता?
वैसे, तो हमारा इम्यून सिस्टम यानी संक्रमण व रोगों के खिलाफ लड़ने की क्षमता ब्लैक फंगस यानी म्यूकॉरमायकोसिस के खिलाफ लड़ने में सक्षम होता है। लेकिन, कोविड-19 (कोरोनावायरस) हमारे इम्यून सिस्टम  को बेहद कमजोर कर देता है। इसके साथ ही कोविड-19 के इलाज में इस्तेमाल की जाने वाली दवाइयां व स्टेरॉयड भी इम्यून सिस्टम पर असर डाल सकते हैं। इन प्रभावों से कोरोना के मरीज का इम्यून सिस्टम बुरी तरह क्षतिग्रस्त हो जाता है। इसी कारण, कोविड-19 के मरीज का इम्यून सिस्टम ब्लैक फंगस के कारक सूक्ष्मजीवों (म्यूकॉर्मिसेट्स) के खिलाफ लड़ नहीं पाता।

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