October 16, 2021

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आंगनबाड़ी कार्यकर्ता और सहायिका की जरा सी लापरवाही से तीन साल की एक बच्ची केंद्र के अंदर बंद

दुर्ग

आंगनबाड़ी कार्यकर्ता और सहायिका की जरा सी लापरवाही से 3 साल की बच्ची की जान जाते-जाते बची। । इस दौरान तीन साल की एक बच्ची केंद्र के अंदर बंद रह गई। वहां रो-रोकर उसका बुरा हाल था। बच्ची को खोजते हुए जब परिजन आंगनबाड़ी केंद्र पहुंचे और किसी तरह बच्ची को बेसुध हालत में वहां से निकाला गया।

लापरवाही धमधा ब्लाक अंतर्गत ग्राम टेमरी के आंगनबाड़ी केंद्र क्रमांक 2 की है।  बुधवार को देवांगन परिवार की 3 साल की बच्ची आंगनबाड़ी केंद्र गई थी। बच्ची वहां खेलती रही और उसे छोड़ आंगनबाड़ी कार्यकर्ता, सहायिका दूसरे काम में लग गईं। आंगनबाड़ी केंद्र के अंदर कोई है या नहीं यह देखे बिना ही केंद्र में ताला लगाकर दोनों अपने-अपने घर चली गईं

काफी देर बाद भी जब बच्ची अपने घर नहीं पहुंची तो उसके परिजनों ने उसकी खोजबीन शुरू की। उसकी खोजबीन करते-करते करीब 2 घंटे बीत गया। इस बीच किसी ने परिजनों को बताया कि आंगनबाड़ी केंद्र के अंदर से किसी बच्ची की रोने की आवाज आ रही थी। इस पर परिजन ने केंद्र की कार्यकर्ता को बुलाया और जब ताला खोला गया तो बच्ची अंदर बेसुध मिली। बच्ची का रो-रोकर बुरा हाल हो चुका था। बच्ची के सकुशल मिलने पर परिजनों ने राहत की सांस ली। जांच के आदेश परिजनों ने केंद्र में लापरवाही के लिए लिटिया सेमरिया पुलिस चौकी पहुंचकर लिखित में शिकायत दर्ज कराई।

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