September 21, 2021

Suyashgram.com

मासिक पत्रिका एवं वेब न्यूज़ पोर्टल

अगर आपने कोविड-19 वैक्सीन का पहला इंजेक्शन ले लिया है या लेने की सोच रहे हैं तो आपके लिए इन सवालों के जवाब जानना है जरूरी है- डॉ सुधीर भोई (एमडी)

रायपुर , 22 जून 2021 , COVID-19 Vaccine का टीका लगवाने लगवाने के बाद क्या करें, क्या न करें; ऐसे तमाम सवालो से लोग परेशान रहते है साथ कई प्रकार की भ्रांतिया भी सोशल मीडिया में फ़ैल रही है।  अगर आपने भी इस वैक्सीन का पहला इंजेक्शन लगवा लिया है या अगले कुछ दिनों में लगवाने जा रहे हैं तो आपके लिए इन सवालों के जवाब जानना बेहद जरूरी है. यह जानकारी इसलिए और भी अहम है, क्योंकि 1 मई से देश में 18 साल से ज्यादा उम्र के सभी लोगों के लिए वैक्सीन लगवाने का विकल्प खुलने जा रहा है. 
इन्ही तमाम अहम सवालों के जवाब दे रहे है समाज सेवक और डॉक्टर सुधीर भोई (एमडी)

सवाल : टीकाकरण क्यों जरुरी है?
डॉ भोई
: कोरोना के कहर से कराहते देश में वैक्सीन ही बचाव की सबसे बड़ी उम्मीद है. हर रोज़ देश में लाखों लोगों को यह वैक्सीन लगाई जा रही है और अब तक कई करोड़ लोग टीकाकरण करवा चुके हैं. इनमें करीब 80 फीसदी लोग अब तक पहला टीका लगवाने के बाद दूसरा इंजेक्शन लगवाने का इंतज़ार कर रहे हैं.

सवाल : टीकाकरण के बाद क्या करें?
डॉ भोई
: तुरंत टीकाकरण के बाद न चलें 1/2 घंटे रुकें। आप आराम करें। वैसे ९०% लोगों में टीकाकरण के कोई लक्षण नहीं दिखाई देते है। कुछ लोगों को जरूर बुखार और आलस जैसे लक्षण आते है ऐसे में बुखार के लिए दवाई लें। एक दो दिन में ठीक हो जाता है। लेकिन अगर लगातार आपको बुखार आ रहा है, तो डॉक्टर को दिखाए बुखार का कारण टीकाकरण ही हो जरुरी नहीं है।

सवाल : वैक्सीन लगवाने के बाद परेशानी क्या आम बात है ?
डॉ भोई
: वैक्सीन का इंजेक्शन लगने के बाद थोड़ी-बहुत परेशानी होना आम बात है. टीका लगने वाली जगह पर दर्द, सूजन या लाली आना, हल्का बुखार, सर दर्द, मामूली कमज़ोरी या जोड़ों में थोड़ा बहुत दर्द होना टीके का सामान्य साइड इफेक्ट है, जो कुछ दिनों में ठीक हो जाएंगे. 

सवाल: टीका लगने के बाद तकलीफ होने पर क्या करें, क्या न करें ?
डॉ भोई
: जहां इंजेक्शन लगा है, वहां दर्द होने पर बर्फ न लगाएं. हां, साफ पानी में भिगोकर उसे दर्द वाली जगह पर रख सकते हैं. बुखार या दर्द के लिए डॉक्टर आपको पैरासिटामॉल लेने की सलाह भी दे सकते हैं. इस दौरान पर्याप्त मात्रा में पानी जरूर पीते रहें. अगर टीका लगवाने के बाद नजर आने वाले साइड-इफेक्ट ज्यादा गंभीर हैं या एक हफ्ते बाद भी ठीक नहीं हो रहे, तो डॉक्टर से संपर्क करना चाहिए. 

सवाल : क्या वैक्सीन का पहला टीका आपको कोविड-19 वायरस से बचा लेगा ? 
डॉ भोई :
इस सवाल का सीधा जवाब है, नहीं. वैक्सीन का पहला टीका लगने के साथ ही आप कोविड-19 वायरस के इंफेक्शन से सुरक्षित नहीं हो जाएंगे. वैक्सीन का पूरा प्रभाव दोनों इंजेक्शन लगने के बाद ही सामने आता है. वह भी दूसरा टीका लगने के फौरन बाद नहीं, बल्कि उसके करीब दो हफ्ते बाद. 

सवाल : वैक्सीन का दूसरा टीका कितने दिनों बाद लगवाना होता है ? 
डॉ भोई :
शुरुआती दौर में वैक्सीन का दूसरा इंजेक्शन, पहले टीके के 28 दिन यानी 4 हफ्ते बाद लगाया जा रहा था, लेकिन अब कोविशील्ड की वैक्सीन का दूसरा डोज़ 6 से 8 हफ्ते यानी करीब डेढ़ से दो महीने बाद दिया रहा है. कोविशील्ड के दो टीकों के बीच अंतर बढ़ाने का फैसला यह जानकारी सामने आने के बाद किया गया कि गैप ज्यादा रखने पर टीकों का असर बढ़ जाता है.  हालांकि कोवैक्सीन का दूसरा डोज़ अब भी 4 से 6 हफ्ते बीच ही दिया जा रहा है. देश में अब तक लगाए गए 90 फीसदी कोरोना के टीके कोविशील्ड के ही हैं. 

सवाल : क्या पहला और दूसरा इंजेक्शन एक ही कंपनी का लगना जरूरी है ?
डॉ भोई :
जी हां, यह बेहद जरूरी है कि आपको वैक्सीन के दोनों डोज़ एक ही कंपनी के लगाए जाएं. भारत में अभी तक कोविड-19 के दो ही टीके लगाए जा रहे हैं – 1. कोविशील्ड और 2. कोवैक्सीन. अगर आपको आपको पहला टीका कोविशील्ड का लगा है तो दूसरा भी वही लगना चाहिए. अगर पहला इंजेक्शन कोवैक्सीन का था, तो दूसरा भी कोवैक्सीन का ही होना चाहिए. वैसे तो यह जानकारी टीकाकरण करने वाले हेल्थ प्रोफेशनल्स को रहती है, फिर भी आप अपनी तरफ से भी इसकी पुष्टि यानी तस्दीक कर लें तो अच्छा रहेगा. 

सवाल : क्या दोनों इंजेक्शन लगने के बाद आप वायरस से पूरी तरह सुरक्षित हो जाएंगे ? 
डॉ भोई :
वैक्सीन के दोनों टीके लगने के दो हफ्ते बाद उनका पूरा प्रभाव काम करने लगता है. फिर भी, पक्के तौर पर यह नहीं कहा जा सकता कि अब कोविड-19 वायरस आपको संक्रमित नहीं कर पाएगा. दरअसल, भारत में लगाई जा रही वैक्सीन की प्रभावकारिता अधिकतम 80 फीसदी तक ही है. यानी 100 में से 20 लोगों के लिए वैक्सीन लगने के बाद भी कोरोना संक्रमित होने का खतरा बना रहेगा. 

सवाल : अगर वैक्सीन इंफेक्शन से पूरी सुरक्षा नहीं देती तो इसे लगवाने का क्या लाभ ? 
डॉ भोई :
आपके मन में यह सवाल आ सकता है कि जब वैक्सीन लगवाने के बाद भी संक्रमित होने का खतरा पूरी तरह खत्म नहीं होता, तो इसे क्यों लगवाया जाए? इस सवाल का एक जवाब तो यह है कि अगर वैक्सीन से 80 फीसदी सुरक्षा मिलती है, तो भी यह फिलहाल आपके सामने महामारी से बचने का सबसे बेहतर उपाय है. टीका लगवाने के पक्ष में दूसरा अहम कारण यह है कि वैक्सीन लगवाने के बाद अगर कोविड-19 संक्रमण हो भी जाए, तो भी बीमारी के लक्षण ज्यादा गंभीर नहीं होते. ऐसे मरीज जल्दी ठीक हो जाते हैं. 

सवाल : क्या वैक्सीन लगवाने के बाद भी मास्क पहनना जरूरी है ?
डॉ भोई :
जी हां. अब तक का अनुभव यही बताता है कि वैक्सीन लगवाने के बाद भी मास्क पहनने, बार-बार हाथ धोने या दूसरों से सुरक्षित दूरी बनाए रखने जैसे नियमों का पालन जारी रखना चाहिए. जैसा कि आप अब तक जान चुके हैं कि कोरोना वायरस के खिलाफ इम्यूनिटी यानी प्रतिरोधक क्षमता विकसित होने के लिए वैक्सीन के दोनों इंजेक्शन लगने के बाद दो हफ्ते तक इंतजार करना पड़ता है. उसके बाद भी अब तक भारत में लगाए जा रहे टीके संक्रमण से अधिकतम 80 फीसदी तक ही बचाव करते हैं.

सवाल : पहले टीके के बाद दूसरा नहीं लगवाया तो क्या होगा ?
डॉ भोई :
जैसा कि हम आपको बता चुके हैं, आपके शरीर में कोविड-19 वायरस से लड़ने की पूरी क्षमता यानी इम्यूनिटी दूसरा टीका लगने के दो हफ्ते बाद ही विकसित होती है. ऐसे में अगर आप दूसरा टीका नहीं लगवाएंगे तो वैक्सीनेशन का मकसद अधूरा ही रह जाएगा. आपको महामारी के खिलाफ सुरक्षा नहीं मिल पाएगी. इसलिए सही वक्त पर दूसरा टीका ज़रूर लगवा लें. हां, अगर पहली बार टीका लगवाने के बाद हुए किसी गंभीर साइड-इफेक्ट के कारण या किसी और मेडिकल कंडीशन की वजह से डॉक्टर आपको दूसरा इंजेक्शन नहीं लगवाने या देर से लगवाने की सलाह देते हैं, तो बात अलग है. सरकार भी लोगों को जागरूक कर रही है। लोंगो को समझना होगा।

Spread the love

You may have missed